पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में लंबे समय से सुलग रही जातीय हिंसा, सुरक्षा चुनौतियों और संवेदनशील प्रशासनिक हालातों के बीच सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक (DG) ने राज्य का दो दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण दौरा संपन्न किया है। हाल ही में मणिपुर के कई संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने, हिंसक झड़पों की घटनाओं में तेजी आने और अशांत क्षेत्रों में आफस्पा (AFSPA) के विस्तार के बीच बीएसएफ प्रमुख के इस दौरे को बेहद रणनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान महानिदेशक ने राज्य में तैनात सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारियों, अग्रिम चौकियों की सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय बलों तथा राज्य पुलिस के बीच आपसी समन्वय की स्थिति की गहन समीक्षा की।
अपनी इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान बीएसएफ डीजी ने मणिपुर की राज्यपाल और राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ भी अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में राज्य में शांति बहाली, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने, विस्थापित हुए नागरिकों के पुनर्वास और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका और सुरक्षा तंत्र को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जा सके।
मैदानी इलाकों और पहाड़ी सीमाओं पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा
मणिपुर पहुंचने के बाद बीएसएफ प्रमुख ने सबसे पहले राज्य के सबसे अधिक प्रभावित और संवेदनशील समझे जाने वाले मैदानी तथा पहाड़ी जिलों की सीमाओं का दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात बीएसएफ की विभिन्न बटालियनों के कमांडरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कीं।
- अग्रिम चौकियों का निरीक्षण: महानिदेशक ने सीमावर्ती और अंतर-जिलाीय सीमाओं पर बनाई गई सुरक्षा चौकियों (Check Posts) का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया और वहां तैनात जवानों के हौसले की सराहना की।
- इंटेलिजेंस शेयरिंग और पेट्रोलिंग: बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खुफिया तंत्र (Intelligence Network) को और अधिक मजबूत किया जाए तथा संवेदनशील इलाकों में गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
- हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी: सुरक्षा बलों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि राज्य में सक्रिय आपराधिक और हिंसक तत्वों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान को और अधिक तेज किया जाए।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक, शांति बहाली पर मंथन
अपने इस दौरे के दूसरे चरण में बीएसएफ डीजी ने राजभवन में मणिपुर की राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की और राज्य की वर्तमान सुरक्षा स्थिति से उन्हें अवगत कराया। इसके पश्चात उन्होंने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों ने मिलकर वर्तमान हिंसा के कारणों और इसके दीर्घकालिक समाधान पर मंथन किया। मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा बल द्वारा राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता में विश्वास पैदा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी समुदायों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को बहाल करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर संवाद के रास्तों को और अधिक चौड़ा किया जाएगा, जबकि कानून तोड़ने वालों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा।