देश की राजधानी दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद गंभीर, संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ आए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारी युवाओं ने दिल्ली पुलिस पर हिरासत के दौरान भारी टॉर्चर, मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस बाबत राहुल गांधी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पीड़ित छात्रों और कार्यकर्ताओं को मीडिया के सामने पेश किया, जिसके बाद से देश के राजनीतिक गलियारों में भारी भूचाल आ गया है।
पीड़ित छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया और उसके बाद पुलिस वैन तथा थानों के भीतर प्रताड़ित किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर इस संवेदनशील मामले को लेकर हड़कंप मच गया है।
केरल की छात्रा अथिरा का छलका दर्द, पुलिस बस में मारपीट से सुनने की क्षमता पर पड़ा बुरा असर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने केरल की रहने वाली और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की छात्रा अथिरा का मामला विशेष रूप से देश के सामने रखा। अथिरा ने रोते हुए अपनी आपबीती साझा की और बताया कि मंगलवार को जब उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, तो उन्हें पुलिस बस में बैठाया गया। उस बस में कोई भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। जब उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के बारे में सवाल पूछा, तो बस को कनॉट प्लेस थाने के बाहर रोक दिया गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। अथिरा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार उनके चेहरे और कान के हिस्से पर प्रहार किया गया, जिसके कारण उनकी एक आंख में गंभीर चोट आई और उनके एक कान के पर्दे पर गहरा असर पड़ा है, जिससे उन्हें सुनाई देना बंद हो गया है।
NSUI कार्यकर्ताओं के गंभीर आरोप, सिर में डंडा मारने और चेहरा नोंचने का किया दावा
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और यूथ कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर और डरावने खुलासे किए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हिरासत के दौरान खाकी वर्दीधारी कर्मियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। NSUI की एक महिला कार्यकर्ता ने साहस के साथ अपनी कहानी बताते हुए कहा कि एक महिला कांस्टेबल ने उनकी गर्दन दबोचकर उन्हें सीट पर धकेल दिया और नाखूनों से उनके चेहरे व कान के आसपास बुरी तरह नोंचा तथा विरोध करने पर थप्पड़ भी जड़े। इसके अलावा कई अन्य युवा नेताओं का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन्हें डंडों से पीटा गया और उनके निजी अंगों पर लातें मारी गईं। कुछ युवा प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और कुछ नाबालिग कार्यकर्ताओं को बिना किसी फोन या पैसे के डरा-धमकाकर सड़क पर छोड़ने का प्रयास किया गया।
राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर कड़ा रुख, बोले- यह भारत की आवाज है, इसे दबाया नहीं जा सकता
पीड़ित छात्रों का दर्द सुनने और उनके शरीर पर मौजूद चोटों के निशान देखने के बाद राहुल गांधी पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में नजर आए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इन युवा कार्यकर्ताओं और छात्रों की यह आवाज किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति की आवाज नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारत की आम जनता और उसके भविष्य की आवाज है। उन्होंने देश के तमाम छात्रों और युवाओं से आह्वान किया कि पुलिस या प्रशासन द्वारा की जाने वाली किसी भी ज्यादती या हिंसा का वीडियो साक्ष्य जरूर सुरक्षित रखें और उसे पार्टी तक पहुंचाएं ताकि कानूनी स्तर पर इसका मुकाबला किया जा सके। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर इस तरह का टॉर्चर और पुलिसिया जुल्म कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ हर स्तर पर कानूनी व राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाएगी।