असम से जुड़े एक बड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अदालत से राहत नहीं मिली है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
यह मामला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा की ओर से दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इस फैसले के बाद खेड़ा की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
👉 कोर्ट ने क्या कहा
गुवाहाटी हाईकोर्ट में इस मामले पर लंबी सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। अब अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।
👉 खेड़ा की ओर से क्या दलील दी गई
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने अदालत में खेड़ा का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने यह भी दलील दी कि खेड़ा के भागने का कोई खतरा नहीं है।
👉 मामला क्या है
रिनिकी भुयान शर्मा ने 5 अप्रैल को पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि खेड़ा के पास विदेश से जुड़े दस्तावेज और संपत्तियां हैं। हालांकि इन आरोपों को शर्मा और मुख्यमंत्री दोनों ने खारिज किया है।
👉 किन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इनमें झूठा बयान देना, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं।
👉 दिल्ली में हुई थी तलाशी
इस मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं।
7 अप्रैल को पुलिस टीम ने दिल्ली स्थित खेड़ा के घर पर भी तलाशी ली थी।
👉 राजनीतिक बयानबाजी तेज
अदालत के फैसले के बाद सियासत भी गरमा गई है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रही है।