ईरान में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद देश की सत्ता और नेतृत्व को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इन हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके चेहरे और शरीर पर गहरे जख्म बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हमले में उनके परिवार के कई सदस्यों की भी मौत हुई। इसके बाद उन्हें सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, उनकी खराब सेहत के कारण वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पा रहे हैं।
👉 छिपकर चल रहा है नेतृत्व
सूत्रों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई इस समय छिपे हुए हैं। वे सीधे संवाद करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए संदेश पहुंचाने के लिए पुराने तरीकों का इस्तेमाल हो रहा है।
हस्तलिखित संदेश लिफाफों में भेजे जा रहे हैं। इन्हें भरोसेमंद लोगों की श्रृंखला के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है।
👉 स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता
रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके शरीर के कई हिस्सों की सर्जरी हो चुकी है। एक हाथ और पैर पर ऑपरेशन हुआ है। साथ ही, चेहरे पर गंभीर जलन के कारण उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही है।
डॉक्टरों का मानना है कि आगे उन्हें प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
👉 सेना के हाथ में बढ़ती ताकत
मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ा बदलाव सत्ता के केंद्र में देखने को मिल रहा है।
कहा जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई ने फिलहाल फैसले लेने की जिम्मेदारी सेना के जनरलों को सौंप दी है। इससे देश में सैन्य नेतृत्व की भूमिका काफी बढ़ गई है।
👉 सामूहिक तरीके से लिए जा रहे फैसले
विशेषज्ञों का मानना है कि अब ईरान में फैसले एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक समूह के जरिए लिए जा रहे हैं।
इस व्यवस्था में जनरल और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर निर्णय लेते हैं, जबकि मोजतबा औपचारिक मंजूरी देते हैं।
👉 ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव हो रहा है।
पहले जहां धार्मिक नेतृत्व का दबदबा था, वहीं अब सैन्य ताकत ज्यादा प्रभावशाली होती जा रही है।