विपक्षी एकता का प्रस्ताव ठुकराया : पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में BJP की जीत के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एकजुट होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कांग्रेस और लेफ्ट (CPI(M)) ने इसे सीधे खारिज कर दिया है।
ममता बनर्जी का प्रस्ताव : ममता बनर्जी ने BJP के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अब एक साथ लड़ना जरूरी है, लेकिन इस प्रस्ताव को कांग्रेस और लेफ्ट ने ठुकरा दिया।
कांग्रेस का रुख : कांग्रेस ने ममता बनर्जी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। पार्टी का कहना है कि TMC ने पहले भी उनके साथ धोखा किया था, इसलिए अब एकजुट होने का कोई फायदा नहीं है।
लेफ्ट का जवाब : CPI(M) और अन्य वामपंथी दलों ने भी ममता के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि TMC की नीतियों और हिंदू विरोधी रवैये के कारण ही बंगाल में BJP की बढ़त हुई है।
ममता की मजबूरी : ममता बनर्जी अब ‘एकला चलो रे’ की राह पर मजबूर हो गई हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस को सीटें देने से मुकर लिया था।
BJP की स्थिति : BJP की प्रचंड जीत के बाद बंगाल में विपक्षी दलों के बीच एकता की बजाय टकराव बढ़ता दिख रहा है, जो BJP के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।