केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 से 5 अक्टूबर तक देश के चार राज्यों—मध्य प्रदेश, तेलंगाना, मेघालय और मिजोरम के महत्वपूर्ण एवं व्यस्त दौरे पर रहेंगे। इस त्रिदिवसीय यात्रा के अंतर्गत गृह मंत्री अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लोकार्पण, समीक्षा बैठकों तथा सामाजिक एवं प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। शाह के इस विस्तृत प्रवास का मुख्य उद्देश्य मध्य भारत से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक विकास योजनाओं की समीक्षा करना और सुरक्षा एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी पहलों को गति प्रदान करना है।
दौरे का प्रथम चरण 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से प्रारंभ होगा, जहाँ गृह मंत्री दिनभर में पाँच बड़े कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। भोपाल आगमन के उपरांत वे राज्य सरकार द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय विकास समीक्षा बैठक में सहभागिता करेंगे तथा पुलिस एवं विधि-व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न आधुनिक योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्री सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
भोपाल के कार्यक्रमों को संपन्न करने के पश्चात गृह मंत्री 4 अक्टूबर को तेलंगाना प्रस्थान करेंगे। तेलंगाना प्रवास के दौरान अमित शाह राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास तथा केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वहाँ वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रमुख नागरिक संगठनों से भेंट करेंगे। गृह मंत्री का यह दौरा तेलंगाना में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर समीक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रवास के अंतिम चरण में 5 अक्टूबर को अमित शाह पूर्वोत्तर के दो प्रमुख राज्यों—मेघालय और मिजोरम का दौरा करेंगे। पूर्वोत्तर की रणनीतिक और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए शिलॉन्ग में आयोजित समीक्षा बैठकों में गृह मंत्री पूर्वोत्तर परिषद (NEC) की विकास परियोजनाओं तथा अंतर-राज्यीय सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करेंगे। शिलॉन्ग में वे सुरक्षा बलों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे तथा विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे।
गृह मंत्रालय के अनुसार, अमित शाह का यह 4 राज्यों का दौरा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक समन्वय, आंतरिक सुरक्षा और सहकारिता आधारित आर्थिक विकास को नई दिशा देने की दृष्टि से अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। मध्य प्रदेश से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक फैले इस दौरे को लेकर संबंधित राज्यों के प्रशासनिक तंत्र ने सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।