कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भारत को एक दीर्घकालिक और विश्वसनीय आर्थिक भागीदार के रूप में प्रस्तुत करते हुए द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ओटावा में आगामी वार्ता और दोनों देशों के बीच जारी आर्थिक संवाद के मध्य सिद्धू ने बल देकर कहा कि कनाडा भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति और बढ़ती ऊर्जा एवं औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है। दोनों देशों का लक्ष्य आगामी पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है।
व्यापार मंत्री ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र, एलएनजी (LNG) निर्यात, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals), और एयरोस्पेस जैसे प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कनाडा अगले पांच वर्षों में विश्व के शीर्ष एलएनजी निर्यातक देशों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, भारत के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विस्तार हेतु आवश्यक खनिजों की आपूर्ति में भी कनाडाई साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर चल रही वार्ताओं का उल्लेख करते हुए कनाडाई मंत्री ने कहा कि दोनों देश सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पाँचवें दौर की वार्ता ओटावा में आयोजित होने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया के माध्यम से व्यापारिक शर्तों पर चर्चा करने के बजाय दोनों देश औपचारिक और गहन वार्ता प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि वर्ष 2026 के अंत तक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।
कनाडा ने भारतीय कंपनियों को अपने खनन और ऊर्जा ढांचागत परियोजनाओं में निवेश करने हेतु आमंत्रित किया है। हाल ही में टोरंटो में आयोजित निवेश सम्मेलन का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि वैश्विक और भारतीय निवेशकों ने कनाडा की विभिन्न परियोजनाओं में गहरी रुचि दिखाई है। कनाडाई कंपनियां भी भारत के नागरिक उड्डयन, रक्षा प्रौद्योगिकी और अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास में अपनी प्रत्यक्ष सहभागिता बढ़ाने की इच्छुक हैं।
हालिया कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के उपरांत कनाडा की ओर से आया यह स्पष्ट दृष्टिकोण दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने की एक बड़ी पहल माना जा रहा है। कनाडाई विदेश मंत्री की आगामी भारत यात्रा से पूर्व व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू का यह बयान यह स्पष्ट संकेत देता है कि ओटावा नई दिल्ली के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।