दुबई की प्रसिद्ध विमानन कंपनी ‘फ्लाईदुबई’ (flydubai) के एक सह-पायलट (को-पायलट) को सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच के घेरे में लिया गया है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित प्रथम अधिकारी (First Officer) को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर संदिग्ध आतंकवादी सामग्री साझा करने के आरोप में अपनी वायुसीमा में उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस खुलासे के पश्चात नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा और क्रू सदस्यों के पृष्ठभूमि सत्यापन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
ओमान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई प्राथमिक जांच में पाया गया कि उक्त सह-पायलट अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया खातों पर चरमपंथी संगठनों से जुड़ी सामग्री और तस्वीरें पोस्ट कर रहा था। ओमान पुलिस और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने इसे संभावित राष्ट्रीय एवं विमानन सुरक्षा जोखिम मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की तथा एयरलाइन को सूचित किया कि इस क्रू सदस्य को ओमानी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली किसी भी उड़ान का प्रचालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनी के पायलट या सह-पायलट पर इस प्रकार का सुरक्षा प्रतिबंध लगना एक अत्यंत असाधारण और गंभीर घटनाक्रम है। इस जानकारी के सामने आते ही फ्लाईदुबई एयरलाइन प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। एयरलाइन के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि वे यात्रियों और विमानों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं तथा संबंधित एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
रिपोर्ट्स में यह भी संकेत दिया गया है कि खाड़ी देशों के संयुक्त सुरक्षा खुफिया नेटवर्क (GCC Security Network) ने इस मामले की जानकारी अन्य पड़ोसी देशों के साथ भी साझा की है। विमानन नियामक संस्थाएं अब इस बात की जांच कर रही हैं कि पूर्व में हुए पृष्ठभूमि सत्यापन (Background Check) के दौरान इन संदिग्ध गतिविधियों को क्यों पहचाना नहीं जा सका। उड्डयन नियमावली के अनुसार चरमपंथी या हिंसक विचारधारा से जुड़े कर्मियों को उड़ान कर्तव्यों से तुरंत निलंबित करने का प्रावधान है।
अंतरराष्ट्रीय उड्डयन जगत में वाणिज्यिक उड़ानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। 9/11 की घटनाओं और उसके बाद के वैश्विक विमानन प्रोटोकॉल के तहत पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक गतिविधियों और सुरक्षा रिकॉर्ड की निरंतर निगरानी की जाती है। इस घटना ने एक बार फिर सभी वैश्विक एयरलाइंस को अपने पायलटों और क्रू सदस्यों के सोशल मीडिया आचरण तथा सुरक्षा पृष्ठभूमि की समय-समय पर कठोर जांच करने के लिए बाध्य कर दिया है।