नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सबसे अहम दिन आज है। भारत की मेजबानी में हो रही इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आएंगे। 12 और 13 सितंबर को होने वाला यह सम्मेलन वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और बहुपक्षीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है।
आज के कार्यक्रम का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होगा। दोपहर करीब 2 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का आगमन शुरू होगा। इसके बाद 2 बजकर 35 मिनट पर बंद कमरे में बैठक होगी, जिसमें समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के अनुसार शाम करीब 4 बजकर 25 मिनट पर ब्रिक्स नेताओं के लिए भारत की नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इसके बाद 5 बजकर 5 मिनट पर सभी नेताओं का सामूहिक फोटो सत्र होगा और करीब 5 बजकर 10 मिनट पर संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम रखा गया है। शाम 7 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है। गलवान संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में आई दूरी के बीच दोनों देशों के रिश्तों में हाल के समय में सुधार के संकेत मिले हैं। ऐसे में मोदी-जिनपिंग वार्ता को रणनीतिक, सीमा, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत की यात्रा पर आए हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इस सम्मेलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच 11 सितंबर को द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है, जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, परमाणु सहयोग, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
इस सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद सहित कई देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं। विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब 11 सदस्य देश हैं और यह मंच वैश्विक दक्षिण की आर्थिक एवं राजनीतिक आवाज को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है और सम्मेलन की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास” रखी गई है। भारत की प्राथमिकताओं में वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करना, व्यापार एवं निवेश बढ़ाना, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा विकासशील देशों की वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना शामिल है।
13 सितंबर को सम्मेलन का अगला चरण होगा, जिसमें ब्रिक्स के साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता शामिल होंगे। सुबह करीब 10 बजकर 50 मिनट पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय समावेशी वैश्विक विकास के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर आधारित होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
दिल्ली में दुनिया के इतने बड़े नेताओं के जुटने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी की गई है। राजधानी में हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और संवेदनशील इलाकों तथा वीवीआईपी मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। भारत मंडपम और विदेशी नेताओं के ठहरने वाले स्थानों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ ड्रोन रोधी प्रणालियां भी लगाई गई हैं।