भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 13 सितंबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू होने जा रही है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। दोनों टीमें इससे पहले कई बार आमने-सामने आ चुकी हैं और भारत ने ज्यादातर मुकाबलों में बाजी मारी है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच पिछली द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला जनवरी 2024 में खेली गई थी। उस श्रृंखला में भारत ने अफगानिस्तान को 3-0 से हराया था। इसके बाद दोनों टीमों के बीच टी20 मुकाबले सीमित रहे हैं, लेकिन भारत का दबदबा बरकरार रहा है।
अब दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी। इस बार तीनों टी20 मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। पहला मैच 13 सितंबर, दूसरा 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। तीनों मैच शाम 7 बजे से शुरू होने हैं।
भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम को मजबूती देते हैं।
इस श्रृंखला में जसप्रीत बुमराह की वापसी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी खबर है। इंग्लैंड दौरे के दौरान घुटने में चोट लगने के बाद बुमराह करीब दो महीने बाद टीम में लौटे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला से पहले अभ्यास में उन्होंने शानदार गेंदबाजी की, जिससे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत दिखाई दे रहा है।
भारत की बल्लेबाजी में युवा वैभव सूर्यवंशी पर भी सभी की नजरें रहेंगी। उनके साथ अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक बल्लेबाज भारत को पावरप्ले में तेज शुरुआत देने की क्षमता रखते हैं। वहीं मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और शिवम दुबे के सामने अफगानिस्तान के मजबूत स्पिन आक्रमण को संभालने की चुनौती होगी।
दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम को कमजोर आंकना भारत के लिए बड़ी भूल हो सकती है। उसके पास राशिद खान, मोहम्मद नबी, नूर अहमद, रहमानुल्लाह गुरबाज और फजलहक फारूकी जैसे अनुभवी और मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी हैं। खासकर राशिद खान की गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
अफगानिस्तान इस श्रृंखला की मेजबानी कर रहा है, लेकिन सुरक्षा कारणों और वहां की परिस्थितियों के चलते तीनों मुकाबले भारत में आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम इन मैचों के लिए अफगानिस्तान का घरेलू मैदान माना जाएगा।
इस श्रृंखला से पहले एक और बदलाव हुआ है। भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण बाहर हो गए हैं, जिसके बाद यश ठाकुर को टीम में शामिल किया गया है। वहीं बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी को फिटनेस मंजूरी मिल चुकी है।
पहले मुकाबले को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई थी, क्योंकि इसी दौरान राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। हालांकि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने पुष्टि की है कि भारत-अफगानिस्तान का पहला टी20 मुकाबला 13 सितंबर को तय कार्यक्रम के अनुसार ही खेला जाएगा।
आंकड़ों और पिछले प्रदर्शन को देखते हुए भारत इस श्रृंखला में स्पष्ट रूप से मजबूत दावेदार नजर आता है। लेकिन अफगानिस्तान की स्पिन ताकत और उसके अनुभवी खिलाड़ियों को देखते हुए मुकाबले एकतरफा होने की संभावना कम है। अब नजर इस बात पर होगी कि दिल्ली की पिच पर भारत अपना दबदबा कायम रखता है या अफगानिस्तान पहली बार इस श्रृंखला में टीम इंडिया को कड़ी चुनौती देता है।