बिहार में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने विधान परिषद की आठ सीटों में से छह सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। बाकी दो सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का फैसला अभी नहीं किया गया है।
आरजेडी की ओर से जारी सूची के मुताबिक पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रोफेसर जयराम यादव चुनाव मैदान में उतरेंगे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की बाकी दो सीटों के लिए पार्टी ने अभी नाम घोषित नहीं किए हैं।
वहीं चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आरजेडी ने दिलीप कुमार, नितेश कुमार, अनिल कुमार झा और रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया है। इन उम्मीदवारों को क्रमशः पटना, कोसी, दरभंगा और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा जाएगा।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर चुनाव मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने से पहले होने की उम्मीद है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में आरजेडी ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुनावी तैयारी को तेज कर दिया है।
इस चुनाव को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां पहले से तेज हैं। जेडीयू के भीतर भी पटना स्नातक सीट को लेकर खींचतान सामने आ चुकी है। वहीं जन सुराज की ओर से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर निर्वाचन आयोग के सामने सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में विधान परिषद चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
आरजेडी की उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद पार्टी के अंदर भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने उम्मीदवारों के चयन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पुराने और संघर्षशील नेताओं की अनदेखी कर नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई है। उनके बयान के बाद आरजेडी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
आरजेडी के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए पार्टी को इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बाकी दो सीटों के लिए पार्टी किन चेहरों को मैदान में उतारती है और अन्य दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा कब करते हैं।
बिहार में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग प्रक्रिया के तहत होते हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित श्रेणी के मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए राजनीतिक दलों के लिए उम्मीदवार का स्थानीय प्रभाव, संगठनात्मक पकड़ और मतदाताओं के बीच संपर्क काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।