उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अंग्रेजी बाल कविताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ जैसी पाश्चात्य कविताएं बच्चों को झूठ बोलना सिखाती हैं।
मंत्री का बयान
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ये कविताएं बच्चों के मन में झूठ को सामान्य बना देती हैं। उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति की इन कविताओं की जगह भारतीय संस्कृति और मूल्यों वाली कविताओं को बढ़ावा देने की बात कही।
क्यों उठाया मुद्दा?
मंत्री का कहना है कि बच्चों को शुरुआती शिक्षा में सच्चाई, नैतिकता और भारतीय संस्कार सिखाने चाहिए। ‘जॉनी-जॉनी’ जैसी कविताएं बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की आदत डालती हैं।
सरकारी रुख
उपाध्याय ने संकेत दिया कि शिक्षा विभाग इन कविताओं की समीक्षा कर सकता है और स्कूलों में भारतीय मूल्यों वाली सामग्री को प्राथमिकता दी जाएगी।
विवाद की संभावना
यह बयान शिक्षा जगत में बहस छेड़ सकता है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बताएंगे, जबकि कुछ इसे अंग्रेजी शिक्षा पर अनावश्यक हमला मानेंगे।