उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के संवेदनशील माहौल के मध्य उस समय अचानक सियासी भूचाल आ गया, जब योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गई। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के तुरंत बाद सामने आई इस तस्वीर ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग और संभावित राजनैतिक उलटफेर की अटकलें लगाई जाने लगीं, जिसके पश्चात कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को स्वयं सामने आकर पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
प्रसारित तस्वीर में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ एक ही फ्रेम में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही यह चित्र सार्वजनिक हुआ, राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी खेमों द्वारा इसे आगामी राज्यसभा चुनाव में शक्ति संतुलन बिगड़ने और दलबदल की संभावनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया जाने लगा। चूंकि राकेश सचान पूर्व में समाजवादी पार्टी के सदस्य रह चुके हैं और दो बार विधायक तथा एक बार सांसद रह चुके हैं, इसलिए इस तस्वीर ने राजनीतिक कयासबाजियों को और अधिक तीव्र कर दिया।
बढ़ते राजनीतिक तनाव और भ्रम की स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने एक आधिकारिक वक्तव्य जारी करते हुए संपूर्ण घटनाक्रम पर अपनी सफाई प्रस्तुत की। सचान ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात कोई पूर्व-नियोजित अथवा राजनीतिक बैठक नहीं थी। उन्होंने बताया कि वे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के निमंत्रण पर शिष्टाचार के नाते चाय पीने उनके कक्ष में गए थे। जब वे कक्ष में पहुंचे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके प्रत्याशी पूर्व से ही वहां उपस्थित थे। उन्होंने आग्रह किया कि एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात का कोई गलत राजनीतिक अर्थ या क्रॉस वोटिंग जैसी भ्रामक अटकलें नहीं निकाली जानी चाहिए।
मंत्री राकेश सचान ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराते हुए कहा कि वे पूरी मजबूती के साथ भाजपा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। सचान ने दावा किया कि राज्य की जनता का विश्वास भाजपा के साथ है और आगामी चुनावों में प्रदेश में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने आगे बढ़कर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से भी मुलाकात की और संपूर्ण घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।
दूसरी ओर, इस वायरल तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुटकी ली और कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे और शिष्टाचार बैठकों को बेवजह का राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, राज्यसभा की सीटों के लिए छिड़े इस कड़े मुकाबले के बीच योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री की सपा नेताओं के साथ उपस्थिति ने एक बार फिर यूपी की राजनीति में बयानों का दौर शुरू कर दिया है। फिलहाल मंत्री द्वारा दी गई सफाई के पश्चात भाजपा खेमे ने राहत की सांस ली है, किंतु विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार चुटकी ले रहे हैं।