बीजिंग समिट : चीन की राजधानी बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस दौरान जिनपिंग ने ट्रंप को ‘ग्लोबल लीडरशिप’ का पाठ पढ़ाया।
जिनपिंग का संदेश : शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा हित मतभेदों से बड़े हैं और दुनिया की स्थिरता के लिए दोनों महाशक्तियों का साथ काम करना जरूरी है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया : राष्ट्रपति ट्रंप ने जिनपिंग की सराहना की और कहा कि आपका दोस्त होना मेरे लिए सम्मान की बात है। ट्रंप ने आगे कहा कि चीन और अमेरिका के रिश्ते पहले से बेहतर होने जा रहे हैं।
बैठक का माहौल : बैठक में नरमी दिखी। दोनों नेताओं ने टकराव की बजाय साझेदारी का संदेश दिया। हालांकि बंद कमरे में व्यापार, ईरान, चिप टेक्नोलॉजी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
जिनपिंग का बड़ा बयान : जिनपिंग ने कहा, “एक देश की सफलता दूसरे के लिए अवसर है। चीन और अमेरिका के रिश्तों में स्थिरता पूरी दुनिया के लिए अच्छी बात है।” उन्होंने 2026 को दोनों देशों के रिश्तों के लिए “ऐतिहासिक और निर्णायक साल” बनाने की अपील की।