हंतावायरस की वैक्सीन की स्थिति : दुनिया भर में हंतावायरस की अभी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। अमेरिकी कंपनी Moderna दक्षिण कोरिया की कोरिया यूनिवर्सिटी के साथ mRNA वैक्सीन पर काम कर रही है, लेकिन यह अभी प्रीक्लिनिकल स्टेज में है।
हर साल कितने मामले : दुनिया भर में हर साल 60 हजार से 1 लाख लोग हंतावायरस से संक्रमित होते हैं।
कैसे फैलता है हंतावायरस : यह वायरस मुख्य रूप से चूहों के मूत्र, लार और मल से फैलता है। जब ये सूखकर हवा में उड़ते हैं तो इंसान उन्हें सांस के साथ अंदर ले लेता है। सामान्य मिलने-जुलने से इंसान से इंसान में संक्रमण बहुत दुर्लभ है (सिर्फ एंडीज स्ट्रेन में संभव)।
कोविड-19 से अंतर : कोविड-19 हवा के जरिए बहुत तेजी से फैलता था, लेकिन हंतावायरस आसानी से नहीं फैलता। WHO के प्रमुख डॉ. टेड्रोस ने कहा है कि यह कोविड-19 नहीं है और पब्लिक हेल्थ का खतरा बहुत कम है।
MV होंडियस क्रूज शिप मामला : हाल ही में लग्जरी क्रूज शिप MV होंडियस पर हंतावायरस के मामले सामने आए, जिससे दुनिया भर में चिंता फैल गई। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा बहुत कम है।
लक्षण और खतरा : लक्षण शुरू में फ्लू जैसे होते हैं – बुखार, थकान, सिरदर्द। बाद में सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में पानी भरना शुरू हो जाता है। HPS (हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम) का मौत का दर करीब 40% है।
मॉडर्ना की कोशिश : Moderna की mRNA वैक्सीन चूहों पर सफल रही है, लेकिन ह्यूमन ट्रायल्स अभी शुरू नहीं हुए हैं। यह मुख्य रूप से HFRS स्ट्रेन पर काम कर रही है।