मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में शक्ति प्रदर्शन करने के पश्चात देश की राजधानी दिल्ली की ओर रुख करने का शंखनाद कर दिया है। सीजेपी के संस्थापक और युवा नेता अभिजीत दिपके ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त तत्काल प्रभाव से अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो आगामी 10 अक्टूबर को देशव्यापी जन आंदोलन के अंतर्गत ‘जंतर-मंतर 2.0’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान संपूर्ण भारत से लाखों युवा और नागरिक दिल्ली में एकत्र होकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शन करेंगे।
मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में पुलिस की अनुमति न मिलने और भारी बैरिकेडिंग के उपरांत भी हजारों की संख्या में युवा और नागरिक विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में बैनर-पोस्टर लहराए और नारेबाजी की। मंच को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि यदि सरकार अथवा दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास करेगी, तो देश की युवा पीढ़ी जहाँ रोकी जाएगी, वहीं का स्थान जंतर-मंतर बन जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन महात्मा गांधी के अहिंसक सिद्धांतों पर आधारित पूर्णतः शांतिपूर्ण संघर्ष होगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और आंदोलनकारी संगठनों ने निर्वाचन आयोग के समक्ष अनेक प्रमुख मांगें रखी हैं। सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर पात्र नागरिकों के नाम हटाए गए हैं। संगठन की मुख्य मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का त्यागपत्र और उनके विरुद्ध आपराधिक जांच, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करना, जनवरी 2025 की मतदाता सूची को पुनः बहाल करना तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े वर्ष 2023 के कानून को समाप्त करना सम्मिलित है।
मुंबई में आयोजित इस विशाल जनसभा को नागरिक समाज का भी व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। प्रदर्शन में सुप्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री शबाना आजमी, निर्देशक विशाल भारद्वाज, हंसल मेहता, संगीतकार विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। सीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की संदिग्ध भूमिका के कारण देश की चुनावी प्रणाली और लोकतंत्र पर संकट मंडरा रहा है, जिसके लिए निर्णायक जन आंदोलन अनिवार्य हो चुका है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रदर्शन को एक प्रायोजित राजनीतिक एजेंडा करार दिया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में ही प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी तकनीकी शंकाओं का निराकरण कर दिया गया है। उन्होंने सीजेपी और विपक्षी दलों पर जनता के मध्य भ्रम एवं अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। बहरहाल, 10 अक्टूबर को घोषित दिल्ली कूच के निर्णय को देखते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने की रणनीति पर कार्य प्रारंभ कर दिया है।