बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन को एक बड़ी और अहम कामयाबी हासिल हुई है. मुंबई में वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से फरार हो रहे तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा जंक्शन से धर दबोचा गया है. गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक नाबालिग है. दूसरे बालिग आरोपी की पहचान रितिक कुमार उर्फ रोशन के रूप में हुई है जो बिहार के बेगूसराय का निवासी है, जबकि तीसरा आरोपी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है.
मुंबई से कोटा की दूरी लगभग 927 किलोमीटर है. सड़क मार्ग से इस सफर को तय करने में आमतौर पर लगभग 15 घंटे 22 मिनट का समय लगता है. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से मुंबई से भागने का प्लान तैयार किया था. हालांकि, मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के सटीक तालमेल और त्वरित संयुक्त ऑपरेशन के चलते आरोपियों का यह भागने का प्रयास विफल हो गया और उन्हें कोटा में ही गिरफ्तार कर लिया गया.
फायरिंग की वारदात से लेकर अंधेरी तक पल्सर बाइक से भागने का सफर
रविवार की शाम तकरीबन 7 बजे अज्ञात हमलावरों ने मुंबई के पुष्पा पार्क इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाते हुए अचानक फायरिंग कर दी. वारदात के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तीनों आरोपी अपनी काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार होकर मौके से तेज रफ्तार में फरार हो गए.
पुष्पा पार्क से अंधेरी रेलवे स्टेशन की कुल दूरी लगभग 9.8 किलोमीटर है. इस दूरी को तय करने में आरोपियों को बाइक से करीब 20 से 30 मिनट का समय लगा. पुलिस को बाद में वारदात में इस्तेमाल की गई यही पल्सर बाइक अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिसे जांच एजेंसियों द्वारा तुरंत जब्त कर लिया गया.
लोकल ट्रेन से वसई स्टेशन और फिर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार होने की चाल
अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर अपनी बाइक छोड़ने के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और मुंबई से बाहर निकलने के लिए लोकल ट्रेन का सहारा लिया. आरोपी अंधेरी से लोकल ट्रेन में बैठकर सीधे वसई रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे.
वसई रोड स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने आगे भागने के लिए एक्सप्रेस ट्रेन का विकल्प चुना. उन्होंने वहां से पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12939) पकड़ी. यह सुपरफास्ट ट्रेन रात को करीब 10:09 बजे वसई रोड स्टेशन से रवाना हुई थी. आरोपियों का मकसद इस ट्रेन के जरिए राजस्थान होते हुए उत्तर भारत के राज्यों की तरफ निकलना था.
हरियाणा भागने का था प्लान, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के जाल में ऐसे फंसे आरोपी
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों का मुख्य इरादा ट्रेन से दिल्ली पहुंचने और वहां से हरियाणा के सोनीपत में छिपने का था. लेकिन मुंबई पुलिस की जांच टीमों ने घटना स्थल से मिली सीसीटीवी फुटेज और अंधेरी स्टेशन पर बरामद पल्सर बाइक के आधार पर उनका ट्रैक ट्रेस कर लिया.
मुंबई पुलिस ने तुरंत राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के साथ खुफिया इनपुट साझा किए. जैसे ही पुणे-जयपुर एक्सप्रेस राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, वहां पहले से मुस्तैद सुरक्षा बलों की टीमों ने ट्रेन को घेरकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को वापस मुंबई लाने और उनसे हमले के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रही है.