उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम और शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपराधियों और उपद्रवियों को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में अब किसी भी सूरत में अराजकता या कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में किसी ने दंगा करने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने का दुस्साहस किया, तो उसकी सात पीढ़ियों की कमाई कानून-व्यवस्था के तहत ज़ब्त कर ली जाएगी।
बरेली के क्लब मैदान में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए हजारों ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के सम्मान समारोह और शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पिछली सरकारों के कार्यकाल पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अपराधियों और दंगाइयों को संरक्षण दिया जाता था और उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों की भाषा और अकड़ दोनों को ठिकाने लगाने का काम पूरी सख्ती से किया जा रहा है।
‘जो जिस भाषा में समझता है, उसे उसी भाषा में समझाया जाता है’
अपने आक्रामक और स्पष्ट तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा:
- दंगाइयों को कड़ा सबक: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जो लोग कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेंगे, उन्हें ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आने वाली पीढ़ियां भी दंगा करने से पहले सौ बार सोचेंगी।
- जीरो टॉलरेंस नीति: सीएम ने कहा कि राज्य में अब न तो सड़कों पर मनमाने तरीके से जाम लगाया जा सकता है और न ही आम जनजीवन को बाधित करने की छूट दी जाएगी। उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह स्वतंत्र और मुस्तैद है।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी का बड़ा तोहफा
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के लिए सौगातों की बौछार कर दी। सरकार ने ग्रामीण स्तर पर पुलिस सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने वाले इन प्रहरियों के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की घोषणा की है:
- मासिक मानदेय में वृद्धि: अब तक ग्राम प्रहरियों को प्रति माह 2,500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 3,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
- वार्षिक लाभ: इस सीधे तौर पर की गई 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी से प्रदेश के करीब 60 हजार से अधिक ग्राम प्रहरियों को सालाना 12,000 रुपये का अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांवों और थानों के बीच समन्वय की सबसे अहम कड़ी हैं, जो आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने में पुलिस की मदद करते हैं। सरकार उनके कल्याण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन से रुहेलखंड क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर एक मजबूत संदेश गया है।