मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आज यानी 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आहूत महाप्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी छावनी में तब्दील हो गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की विधिवत अनुमति न दिए जाने के बावजूद CJP नेतृत्व अपने तय कार्यक्रम पर अड़ा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा के अत्यंत कड़े प्रबंध किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप जनजीवन और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली आने-जाने वाली लगभग 170 पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 9 ट्रेनों के शुरुआती व अंतिम स्टेशनों में बदलाव किया गया है। विशेष तौर पर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच आने वाली लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही निरस्त कर दिया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध और इंटरनेट शटडाउन
राजधानी में भीड़ के प्रवेश को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कड़े प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। पुलिस के निर्देश पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने संवेदनशील इलाकों के कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही जंतर-मंतर के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से इंटरनेट सेवाओं को भी प्रतिबंधित किया गया है, जिससे डिजिटल भुगतान और दैनिक आवागमन करने वाले आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बड़े पैमाने पर एहतियातन हिरासत और राजनीतिक हलचल तेज
प्रशासन द्वारा प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे सैकड़ों लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाले कई संदिग्धों को भी उठाया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख नेताओं ने सरकार के इन दमनकारी कदमों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के प्रतिबंध लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन हैं।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी का दौर चरम पर है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा (धारा 163) का उल्लंघन करने वालों या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। चप्पे-चप्पे पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती के साथ स्थिति पर ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।