उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में सड़क पर उतरे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान उग्र आचरण करना महंगा पड़ गया है। मंझनपुर चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का सांकेतिक पुतला फूंकने, नारेबाजी करने और मार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में पुलिस ने कड़ी वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव सहित नौ प्रमुख नेताओं को नामजद करते हुए अनेक अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
यह पूरा मामला मंझनपुर क्षेत्र का है, जहां समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी सक्षम प्रशासनिक स्वीकृति के मुख्य मार्ग को घेरकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले में आग लगा दी, जिससे चौराहे पर अचानक अफरा-तफरी का वातावरण निर्मित हो गया और चारों ओर धुआं फैल गया।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला और जलते हुए पुतले की आग को बुझाया। इसके पश्चात पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था को पुनः सामान्य कराया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के मध्य तीखी बहस एवं नोकझोंक भी देखने को मिली। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से धरना देने और शांति भंग करने की चेष्टा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में सपा जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के अलावा शहनवाज, चंद्रजीत यादव, राजू सिंह पटेल, भरत सिंह लोधी, आनंद मोहन पटेल, विभा यादव, सुमित पांडे और आफताब शेख के नाम मुख्य आरोपी के रूप में सम्मिलित हैं। इसके साथ ही कई अन्य अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी इस मुकदमे में शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान की गई वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
कौशाम्बी पुलिस प्रशासन अब वीडियो फुटेज की गहन जांच करके अन्य उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करके जनजीवन बाधित करने और आगजनी की स्थिति उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि अनुसार सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे। पुलिसिया कार्रवाई के पश्चात जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।