महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में अब उनके पिता विशाल अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल के परिवार के कुछ सदस्यों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्हें शक है कि सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची भी कथित हत्या की साजिश में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने अभी पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट नहीं पढ़ी है और दस्तावेज देखने के बाद ही इस बारे में विस्तार से टिप्पणी करेंगे। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले में ऊंचाई से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने तीनों के खिलाफ पांच हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, जांच में कथित तौर पर एक फर्जी इंस्टाग्राम खाते का इस्तेमाल कर केतन को लोहागढ़ किले तक बुलाने की बात सामने आई है।
चार्जशीट की कॉपी के लिए अदालत पहुंचे केतन के पिता
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने चार्जशीट की कॉपी हासिल करने के लिए अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि अभी उन्होंने आरोपपत्र नहीं देखा है, इसलिए वह उसके आधार पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि चार्जशीट पढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस की जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आई है और किन साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं।
केतन के पिता ने सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की कथित गुप्त शादी से जुड़ी खबरों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि दोनों के बीच पहले से शादी होने की खबर सही है, तो यह सवाल उठता है कि सिया के परिवार ने उनके बेटे के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की। हालांकि, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आई गुप्त शादी की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच तथा अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगी।
पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कथित तौर पर हटाई गई चैट बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, ‘माही’ नाम की एक फर्जी इंस्टाग्राम पहचान का इस्तेमाल केतन से संपर्क करने के लिए किया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी माध्यम से केतन को 18 जून को सिया के जन्मदिन से पहले सरप्राइज देने के बहाने लोहागढ़ किले आने के लिए तैयार किया गया। चार्जशीट में इस डिजिटल साक्ष्य को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
केतन के पिता ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस संबंध में मांग की थी और अब सरकार से आवश्यक अधिसूचना जारी करने की अपील दोहराई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग भी की है।
फिलहाल मामले में पुलिस की चार्जशीट अदालत में दाखिल हो चुकी है और आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। सिया के परिवार के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर केतन के पिता ने जो संदेह जताया है, उसकी पुष्टि अभी अदालत या जांच एजेंसी की ओर से नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में आगे की तस्वीर चार्जशीट, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत की कार्यवाही से ही स्पष्ट होगी।