केरल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है। राज्य में अलग-अलग बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक करीब 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे गंभीर घटना मलप्पुरम जिले के निलांबूर के पूक्कोट्टुम्पदम इलाके में कोट्टापुझा नदी में आई अचानक बाढ़ की रही, जहां पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के बाद नदी में मौजूद लोगों का समूह तेज बहाव की चपेट में आ गया। इसके अलावा कोट्टायम और इडुक्की जिलों में भूस्खलन से भी मौतें हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक राहत और बचाव अभियान जारी है।
पूक्कोट्टुम्पदम में रविवार शाम कोट्टापुझा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। भारी बारिश के कारण ऊपरी इलाकों से पानी तेजी से नीचे आया और नदी के किनारे मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। सोमवार को तलाशी अभियान तेज किए जाने के बाद नदी से तीन और शव बरामद किए गए, जिससे इस घटना में मृतकों की संख्या पांच हो गई। एक महिला अभी भी लापता बताई गई है और उसके लिए बचाव दल नदी तथा आसपास के इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक नदी की घटना में जान गंवाने वालों में अनस मंगदान, मोहम्मदकुट्टी, श्राम्बिकल रहीम, सज्जाद और करुप्पथ रफीक शामिल हैं। एक स्थानीय महिला साजिथा के भी तेज बहाव में बह जाने की सूचना है, जिसकी तलाश जारी है। घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और स्थानीय बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं।
कोट्टायम और इडुक्की में भी भूस्खलन से मौतें
बारिश से जुड़ी दूसरी घटनाओं में कोट्टायम जिले के टीकोय के पास वेलाथुस्सेरी में भूस्खलन के कारण दोपहिया वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से तमिलनाडु की 35 वर्षीय महिला संगीता अरुण लाल की मौत हो गई, जबकि उनकी सहेली घायल हो गई। दोनों वागामोन से लौट रही थीं। उनके शव को तमिलनाडु ले जाने की व्यवस्था दोनों राज्यों की सरकारों के समन्वय से की जा रही है।
इडुक्की जिले के कोट्टक्कंबूर में भी भूस्खलन के कारण एक झोपड़ी ढह गई। घटना के समय वहां दो भाई-बहन मौजूद थे और दोनों की मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हुई। सोमवार को आदिमाली में भी भूस्खलन की सूचना मिली। इस तरह मलप्पुरम, कोट्टायम और इडुक्की में हुई अलग-अलग बारिश संबंधी घटनाओं ने राज्य में स्थिति को गंभीर बना दिया है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मलप्पुरम के निलांबूर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को स्थिति का नियमित और घंटेवार आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि और घायलों के लिए वित्तीय सहायता से संबंधित घोषणा कैबिनेट बैठक में की जाएगी।
इस बीच मौसम विभाग ने केरल में बारिश और गरज-चमक की स्थिति को लेकर चेतावनी जारी रखी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 23 से 25 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 22 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और बाढ़ तथा भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।