पुणे में गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश की एक अनोखी प्रतिकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां करीब 21 हजार पानीपुरी के खोलों से गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। इस अनोखे स्वरूप को देखने के लिए बच्चों, युवाओं और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ पहुंच रही है।
तीन महीने की मेहनत से तैयार हुए पानीपुरी वाले बप्पा
पानीपुरी से गणपति की इतनी बड़ी प्रतिकृति तैयार करना आसान काम नहीं था। आयोजकों के मुताबिक, इसे तैयार करने में करीब तीन महीने की मेहनत लगी। एक-एक पानीपुरी के खोल को खास तरीके से जोड़कर गणपति बप्पा का स्वरूप तैयार किया गया है।
इस अनोखी प्रतिमा की जानकारी जैसे-जैसे लोगों तक पहुंची, वैसे-वैसे दर्शन के लिए भीड़ बढ़ती गई। लोग प्रतिमा के साथ तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे हैं।
मुंबई से भी दर्शन करने पहुंचे लोग
पानीपुरी से बने गणपति बप्पा की चर्चा सिर्फ पुणे तक सीमित नहीं रही। आयोजकों के अनुसार, मुंबई से भी कुछ लोग खास तौर पर इस अनोखी प्रतिकृति के दर्शन करने पहुंचे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई।
पानीपुरी को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती
इस प्रतिमा को तैयार करने के बाद सबसे बड़ी चुनौती हजारों पानीपुरी के खोलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। नमी और वातावरण में बदलाव के कारण पानीपुरी के नरम पड़ने का खतरा रहता है।
इसी वजह से प्रतिमा के आसपास हैलोजन लाइट्स लगाई गई हैं। इनसे आसपास का वातावरण गर्म रखा जाता है, ताकि पानीपुरी नरम न पड़े और प्रतिमा का स्वरूप बना रहे।
13 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, यह गणपति प्रतिमा करीब 13 फीट ऊंची है और पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज रोड क्षेत्र में लोगों का ध्यान खींच रही है। प्रतिमा में हजारों पानीपुरी के खोलों का इस्तेमाल किया गया है।
गणेशोत्सव में अलग-अलग सामग्रियों से गणपति की प्रतिमाएं बनाने की परंपरा लगातार नए प्रयोगों के साथ सामने आ रही है। पुणे में पहले चॉकलेट और अन्य चीजों से बनी प्रतिमाएं भी चर्चा में रही हैं। अब 21 हजार पानीपुरी से तैयार गणपति बप्पा ने लोगों के बीच खास आकर्षण पैदा किया है।