झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू कोयला क्षेत्र में करीब 40 हाथियों के झुंड की मौजूदगी से खदान कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हाथियों का झुंड सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कर्मा परियोजना के पास जंगल में डेरा डाले हुए है। हाथियों के खदान और आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए CCL ने कर्मा, आरा और सरूबेरा परियोजनाओं में विशेष सतर्कता बरतने का अलर्ट जारी किया है।
CCL के कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक आरके सिन्हा के मुताबिक, रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खदान प्रबंधन को हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। कुजू क्षेत्र में कोयला खदानें घने जंगलों के आसपास स्थित हैं, जिसके कारण यहां मानव और हाथियों के बीच टकराव का खतरा बना रहता है।
जंगल में डेरा, हाथियों को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने की कोशिश
वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने हाथियों के झुंड को खदान और आबादी से दूर जंगल की ओर ले जाने का प्रयास किया। वन रेंज अधिकारी बटेश्वर पासवान के नेतृत्व में टीम ने रात में अभियान चलाया। टीम के पास तेज रोशनी वाली टॉर्च, आग वाली मशालें, पटाखे और ढोल जैसे साधन थे, लेकिन हाथियों का झुंड वहां से हटने के बजाय कर्मा परियोजना के आसपास ही बना रहा। वन विभाग अब झुंड की गतिविधियों पर लगातार निगरानी कर रहा है और कोशिश है कि हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर मोड़ा जा सके।
वन अधिकारियों के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथियों का झुंड रात के समय खदान क्षेत्र या आसपास की बस्तियों में प्रवेश न करे। इसी वजह से CCL की परियोजनाओं में निगरानी बढ़ाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, खदान प्रबंधकों को रात में सर्चलाइट चालू रखने, जंगल की सीमा के पास कर्मचारियों को अकेले न जाने देने और यदि हाथी खदान की आवाजाही वाली सड़कों के पास दिखाई दें तो कोयला परिवहन रोकने जैसे एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
कुजू कोयला क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष का पुराना इतिहास रहा है। दिसंबर 2025 में आरा क्षेत्र में हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा कर्मा परियोजना के पास सुगिया गांव में भी एक ग्रामीण को हाथियों ने कुचलकर मार दिया था। इन घटनाओं के बाद इस इलाके में हाथियों की आवाजाही को लेकर खदान प्रबंधन और वन विभाग पहले से ही संवेदनशीलता बरत रहे हैं।
फिलहाल करीब 40 हाथियों का झुंड कर्मा परियोजना के आसपास जंगल में मौजूद बताया जा रहा है। वन विभाग और CCL की टीमें हाथियों की दिशा और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि झुंड को बिना किसी नुकसान के खदानों और आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में पहुंचाया जाए, ताकि इंसानों और हाथियों के बीच किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।