झारखंड के देवघर में पुलिस ने लोगों को झांसा दिलाने और ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी योजना का फायदा, कैशबैक और दूसरे लाभों का लालच देकर लोगों को ठगते थे। आरोप है कि ये लोग कभी सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते थे तो कभी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे।
इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाया जाता था। पुलिस ने शनिवार को करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल इलाके से चारों को पकड़ा। आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
देवघर के एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि आरोपी आम लोगों को फोन कर खुद को सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते थे। इसके बाद उन्हें पीएम किसान योजना के तहत कैशबैक या दूसरे फायदे मिलने का लालच दिया जाता था।
लोगों को भरोसे में लेने के बाद ठगी का अगला कदम शुरू होता था। आरोपियों की तरफ से फर्जी लिंक भेजे जाते थे। इन्हीं लिंक के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। इनकी पहचान 18 साल के कन्हैया कुमार दास और उसके 19 साल के बड़े भाई समीर कुमार दास के तौर पर हुई है। इनके अलावा मोहम्मद सलीम अंसारी (26) और रूपलाल पोद्दार (29) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक चारों देवघर जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से मिले मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त कर लिए हैं।
एक आरोपी का पहले भी रहा है रिकॉर्ड। पुलिस के मुताबिक रूपलाल पोद्दार का इस तरह के मामलों में पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। अब पुलिस चारों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया था।