प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच शुक्रवार को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में मौजूदा घटनाक्रम और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यूएई राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई
फोन बातचीत के दौरान शेख मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके फोन और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। यह बातचीत प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन के एक दिन बाद हुई।
पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बातचीत में क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के लिए लगातार सहयोग और समन्वय की जरूरत पर जोर दिया गया।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। हाल ही में नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अधिकतम संयम और क्षेत्रीय शांति की जरूरत पर जोर दिया गया था।
भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और यूएई राष्ट्रपति ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए कदमों पर भी चर्चा की। बातचीत में ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे शामिल रहे।
भारत और यूएई के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में पिछले वर्षों में विस्तार हुआ है। दोनों देश ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन का भी हुआ जिक्र
यूएई के राष्ट्रपति ने भारत की सफल ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई भी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भागीदारी और भारत की अध्यक्षता के दौरान यूएई के सहयोग की सराहना की।
दोनों नेताओं की बातचीत में भारत-यूएई संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई गई।