कर्नाटक में पेट्रोल पंपों पर होने वाली घटतौली और ग्राहकों की जेब पर डाका डालने वाले खेल के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद ने ‘मिशन निखरा’ के तहत चलाए गए विशेष जांच अभियान के चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप मालिकों को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की टीमों ने राज्य भर के 5,946 पेट्रोल पंपों में से 805 पंपों की अचानक जांच की। इस दौरान जो आंकड़े सामने आए, उसने प्रशासनिक अमले के होश उड़ा दिए। जांच में 768 पेट्रोल पंपों में कैलिब्रेशन (माप संतुलन) की बड़ी गड़बड़ी पाई गई, जिन्हें तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए।
गंभीर धांधली के मामले में 101 केस दर्ज किए गए और मौके पर ही 6.66 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच किए गए हर 10 में से औसतन 8.5 फ्यूल नोजल में माप की गड़बड़ी दर्ज की गई। जांच में यह भी सामने आया कि हर 7 मामलों में जहां कम पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा था, वहीं केवल 1 मामला ऐसा था जहां ज्यादा ईंधन मिल रहा था।
बार-बार गड़बड़ी करने वाले पेट्रोल पंप होंगे बंद
मंत्री रिजवान अरशद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि जनता के पैसों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो पेट्रोल पंप सटीक माप देने में नाकाम रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यदि कोई पंप बार-बार जांच में फेल होता है या नियम तोड़ता है, तो राज्य सरकार उस पेट्रोल पंप को पूरी तरह से बंद करने (सीलिंग) के निर्देश जारी करेगी।
कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार के 18 दिसंबर 2025 के उस आदेश (G.S.R. 905(E)) पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके तहत पेट्रोल पंपों के वेरिफिकेशन (कैलिब्रेशन) का समय 12 महीने से बढ़ाकर 24 महीने कर दिया गया था। रिजवान अरशद ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र को पत्र लिखकर इस नियम की समीक्षा करने की मांग करेगी। कर्नाटक चाहता है कि पेट्रोल पंपों की कैलिब्रेशन जांच हर साल (वार्षिक) अनिवार्य की जाए और उसमें सरकारी निगरानी को सख्त किया जाए।
उपभोक्ता अब सीधे हेल्पलाइन नंबर पर कर सकेंगे शिकायत
राज्य सरकार जल्द ही बचे हुए 2,100 पेट्रोल पंपों का वेरिफिकेशन पूरा करेगी। इसके साथ ही हर पेट्रोल पंप पर एक अनिवार्य डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर उसकी आखिरी कैलिब्रेशन जांच की तारीख और डिटेल्स साफ लिखी होंगी। यदि किसी ग्राहक को कम पेट्रोल-डीजल मिलने का शक होता है, तो वह राज्य सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 599 1100 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।