हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की समीक्षा बैठक में मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने प्रशासनिक अधिकारियों को विकास कार्यों और योजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर जमकर फटकार लगाई। कंगना ने अधिकारियों से कहा कि केवल सरकार से बड़े बजट की मांग करने के बजाय अपने स्तर पर राजस्व बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।
बैठक के दौरान कंगना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अक्सर केंद्र सरकार से बड़ी राशि की मांग की जाती है। उन्होंने अधिकारियों के सामने सवाल उठाते हुए कहा कि हम लोग हमेशा कटोरा लेकर केंद्र के पास पहुंच जाते हैं और हजार करोड़ रुपये मांगते हैं, लेकिन राज्य को अपनी आय बढ़ाने के लिए भी गंभीर प्रयास करने चाहिए।
कंगना ने अधिकारियों को एक जिला एक उत्पाद योजना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा और स्थानीय उत्पादों की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन उत्पादों को बाजार मिले और उनसे रोजगार तथा राजस्व पैदा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर सरकार की योजनाएं या सहायता सीधे विभाग तक नहीं पहुंच रही हैं, तो अधिकारियों को खुद आगे बढ़कर संबंधित सरकार और विभागों से संपर्क करना चाहिए। कंगना ने कहा कि किसी निर्देश का इंतजार करते रहने के बजाय अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझकर काम को आगे बढ़ाना होगा।
कंगना ने बैठक में अधिकारियों के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई विकास योजनाओं में देरी हो रही है और फाइलों में होने वाली बैठकों का फायदा तब तक नहीं है, जब तक योजनाएं जमीन पर दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करने और उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद निधि और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। कंगना ने अधिकारियों से कहा कि हर परियोजना की प्रगति पर नजर रखी जाए और जहां काम अटका हुआ है, वहां उसकी वजह सामने लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी दूसरे राज्यों की सफल योजनाओं और काम करने के तरीकों से सीख ले सकते हैं।
कंगना ने दावा किया कि उनके संसदीय क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र से धन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन कुछ योजनाओं को लागू करने में प्रशासनिक स्तर पर देरी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर विभिन्न विभागों में काम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह इसकी औपचारिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगी।
कुल्लू की बैठक में विकास कार्यों के अलावा नशे के बढ़ते कारोबार का मुद्दा भी उठा। कंगना ने पुलिस अधिकारियों से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने युवाओं पर पड़ रहे इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई और कानून के प्रभावी इस्तेमाल के साथ प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने की जरूरत बताई।
कंगना का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब हिमाचल प्रदेश में विकास परियोजनाओं की गति और केंद्र से मिलने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। कंगना ने अधिकारियों से साफ कहा कि विकास योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में कंगना ने स्थानीय संसाधनों, पर्यटन, पारंपरिक उत्पादों और अन्य क्षेत्रों के जरिए हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य को विकास के लिए केवल केंद्र से मिलने वाली सहायता पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के नए स्रोत भी तैयार करने होंगे।