गुजरात में अब दुकानें, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, गैरेज और शोरूम जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति मिल सकेगी। गुजरात विधानसभा ने 11 सितंबर 2026 को गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026 पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य कारोबार से जुड़ी अनावश्यक पाबंदियों को कम करना और राज्य में व्यापार के लिए ज्यादा अनुकूल माहौल तैयार करना है।
नए प्रावधान के तहत पहले दुकानों और प्रतिष्ठानों के संचालन पर लागू समय-सीमा को हटा दिया गया है। मौजूदा व्यवस्था में नगर पालिका और राज्य राजमार्ग वाले क्षेत्रों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक तथा अन्य इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का नियम था। अब इन समय पाबंदियों को समाप्त किया गया है और पात्र प्रतिष्ठान सप्ताह के किसी भी दिन 24 घंटे संचालन कर सकेंगे।
हालांकि, 24 घंटे दुकान या रेस्टोरेंट खुला रखने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों से लगातार काम कराया जा सकेगा। कर्मचारियों के काम के घंटे, आराम का समय, साप्ताहिक अवकाश, सुरक्षा और रोजगार से जुड़े दूसरे कानूनी अधिकार पहले की तरह लागू रहेंगे। प्रतिष्ठानों को सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा से संबंधित नियमों का भी पालन करना होगा।
गुजरात के उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित ने विधानसभा में कहा कि गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल का उद्देश्य उद्योगों और नागरिकों पर अनावश्यक नियामक बोझ कम करना है। सरकार प्रक्रियाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ स्व-घोषणा और स्व-प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।
इस विधेयक में केवल दुकानों के समय से जुड़े बदलाव ही नहीं हैं। सरकार ने अलग-अलग कानूनों में कई संशोधनों को एक साथ शामिल किया है। इनमें अग्नि सुरक्षा, दुकान एवं प्रतिष्ठान पंजीकरण, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्योगों के लिए सुविधाएं, चिकित्सकों के पंजीकरण और सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था में बदलाव शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, कम जोखिम वाली गतिविधियों में अनिवार्य पूर्व-मंजूरी और अधिकारियों के साथ अनावश्यक भौतिक संपर्क कम किया जाएगा। इसके लिए जोखिम आधारित और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य कारोबारियों के लिए अनुपालन की लागत और प्रक्रिया दोनों को कम करना है।
विधेयक में गुजरात एमएसएमई सुविधा अधिनियम से जुड़े प्रावधानों को भी मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों को विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में सुविधा मिलेगी और कारोबार शुरू करने तथा संचालित करने में लगने वाली प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।
सरकार ने गुजरात मेडिकल काउंसिल से जुड़े नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित किए हैं। दूसरे राज्यों में पंजीकृत चिकित्सकों के लिए गुजरात में पंजीकरण की प्रक्रिया को स्व-घोषणा के आधार पर आसान बनाने की व्यवस्था की गई है। इससे राज्य में चिकित्सकीय सेवाओं और पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा सरकारी सेवाओं और शिकायतों के समय पर निपटारे के लिए स्वचालित अपील और स्वचालित उच्चस्तरीय भेजने की व्यवस्था लागू करने का प्रावधान भी बताया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर किसी सेवा या शिकायत का निपटारा नहीं होता है, तो मामला अपने आप उच्च अधिकारी के पास पहुंच सकेगा।
गुजरात सरकार इस विधेयक को राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की अपनी व्यापक नीति से जोड़ रही है। सरकार का कहना है कि सरल नियम, कम प्रशासनिक बोझ और 24 घंटे कारोबार की सुविधा से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही आगामी वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन को देखते हुए इसे निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया गया है।
कुल मिलाकर, नए कानून के बाद गुजरात में कई प्रकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की कानूनी सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, प्रतिष्ठानों को श्रमिकों के अधिकारों, सार्वजनिक सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य लागू नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। सरकार का दावा है कि यह बदलाव गुजरात को कारोबार और निवेश के लिए और अधिक सरल तथा अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।