बासमती खेती को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
पंजाब सरकार ने फसली विविधता को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में बासमती के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इसका मकसद किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से बाहर निकालना है।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
दरअसल, इस पहल के जरिए किसानों को नई तकनीक और बेहतर खेती के तरीके सिखाए जाएंगे। साथ ही, कम कीटनाशक इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उत्पादन पर जोर दिया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
विदेशी तकनीक का भी होगा इस्तेमाल
इसके अलावा, पंजाब सरकार आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की तैयारी में है। नीदरलैंड जैसे देशों के साथ मिलकर रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन सकेगी।
फसली विविधता की दिशा में अहम कदम
असल में, पंजाब लंबे समय से पानी की कमी और जमीन के अत्यधिक उपयोग की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में बासमती जैसी फसलों को बढ़ावा देना जरूरी माना जा रहा है। यह कदम राज्य को टिकाऊ खेती की ओर ले जाने में मदद करेगा।
