उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा था।
दरअसल, पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को डॉक्टर बताकर छात्राओं को झांसे में लेता था। आरोपी केवल 12वीं पास है, लेकिन वह मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच फर्जी पहचान बनाकर काम कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसके सहयोगी खास तौर पर हिंदू लड़कियों को टारगेट करते थे। उन्हें मेडिकल कैंप और फर्जी कॉन्फ्रेंस के नाम पर बुलाया जाता था। इसके बाद उन्हें बहलाने के लिए पैसे और “जन्नत” जैसे लालच दिए जाते थे।
👉 फर्जी संस्था बनाकर चल रहा था खेल
आरोपियों ने “कार्डियो सेवा संस्थान” नाम की एक फर्जी संस्था बनाई थी। इसके जरिए मेडिकल कैंप और कार्यक्रम आयोजित करने का दावा किया जाता था। इसी बहाने लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर ले जाया जाता था।
👉 AIIMS के नाम पर भी दिया झांसा
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने दिल्ली के AIIMS में कॉन्फ्रेंस कराने का झूठा दावा किया। जब संस्थान से संपर्क किया गया, तो पता चला कि ऐसी कोई कॉन्फ्रेंस थी ही नहीं।
👉 पुलिस जांच में जुटी, नेटवर्क की तलाश
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले के तार बड़े रैकेट से जुड़े हैं।
👉 पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले भी KGMU से जुड़े मामलों में शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे आरोप सामने आ चुके हैं, जिनकी जांच अभी भी जारी है।