राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई करीब 20 हजार करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन टेंडर घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और पेयजल परियोजनाओं के टेंडर जारी करने में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। आरोप है कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए गए और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई।
एसीबी की टीम ने पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पूर्व मंत्री महेश जोशी को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई और लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।
💧 क्या है जल जीवन मिशन मामला
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की बड़ी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल से पानी पहुंचाना है। राजस्थान में इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए थे। हालांकि बाद में टेंडर आवंटन और कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए।
⚖️ विपक्ष और कांग्रेस आमने-सामने
महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है।
📌 जांच एजेंसियों की नजर कई अधिकारियों पर
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब विभाग के कई अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी खंगाल रही हैं। मामले में आर्थिक लेनदेन और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।