उत्तराखंड की प्रसिद्ध नीब करौरी बाबा की पावन स्थली कैंची धाम और सरोवर नगरी नैनीताल में सप्ताहांत (वीकेंड) तथा अवकाश के चलते श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। अचानक 12 हजार से अधिक पर्यटकों और वाहनों के आगमन से भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा विशाल यातायात जाम (महाजाम) लग गया। इसके कारण घंटों तक गाड़ियां ज्यों की त्यों थमी रहीं, जिससे श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय निवासी अत्यधिक व्यथित एवं परेशान नज़र आए।
प्रशासन और जिला पुलिस की ओर से यातायात सुचारू रखने के लिए व्यापक ‘ट्रैफिक प्लान’ और शटल सेवाओं का दावा किया गया था, किंतु धरातल पर यह योजना पूरी तरह विफल सिद्ध हुई। पार्किंग स्थलों की कमी और संकरे पर्वतीय मार्गों पर अत्यधिक वाहनों के दबाव के कारण कैंची धाम से लेकर भवाली और भीमताल तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अनेक दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों द्वारा अव्यवस्थित ढंग से वाहन पार्क करने के कारण स्थिति और अधिक जटिल हो गई।
भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण पुलिस प्रशासन को वाहनों का मार्ग परिवर्तन (रूट डायवर्जन) करना पड़ा। हल्द्वानी और काठगोदाम की ओर से आने वाले पर्यटक वाहनों को भवाली से पूर्व विभिन्न पार्किंग स्थलों पर रोका गया तथा शटल बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक भेजने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद, भारी संख्या में पहुंचे दोपहिया और निजी वाहनों के कारण यातायात पुलिस के पसीने छूट गए और मार्ग को सुचारू कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सड़कों पर फंसे यात्रियों को पेयजल और अल्पाहार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। अनेक श्रद्धालुओं ने शिकवे व्यक्त करते हुए कहा कि दूर-दराज के राज्यों से बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन हेतु आए भक्तों को घंटों जाम में फंसे रहने के कारण भारी असुविधा उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों ने भी निरंतर लगने वाले इस महाजाम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं तक को मार्ग मिलने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सप्ताहांत पर आने वाले पर्यटकों की अत्यधिक संख्या के कारण सड़कों पर दबाव बढ़ा है। पुलिस कर्मियों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात करके यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भवाली और कैंची धाम क्षेत्र में स्थायी बाईपास मार्ग तथा बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण पूर्ण नहीं होता, तब तक केवल अस्थायी पुलिस एडवाइजरी से इस समस्या का निवारण संभव नहीं है।