हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के जिलों में चल रही बुनियादी ढांचागत और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल कागजों में फाइल बंद कर देने से शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं होता। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निवारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सैनी ने विशेष रूप से जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, नगर निगम और विद्युत विभाग के अधिकारियों की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि नागरिक जब समाधान शिविरों अथवा पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज कराते हैं, तो अधिकारी बिना धरातलीय सत्यापन के ही फाइलों का निपटारा कर देते हैं, जिससे जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता की संतुष्टि का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
गुरुग्राम और फरीदाबाद की सड़कों की दुर्दशा और जलभराव की समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त (पॉटहोल-फ्री) बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून के उपरांत क्षतिग्रस्त हुई मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों की त्वरित मरम्मत की जाए और गुणवत्ता के मानकों के साथ कोई समझौता न हो। यदि निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है या समय सीमा का उल्लंघन होता है, तो संबंधित ठेकेदारों के साथ-साथ उत्तरदायी विभागीय अभियंताओं के विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘हरियाणा समाधान पोर्टल’ और ‘सीएम विंडो’ पर लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा से जुड़ी प्रमुख नागरिक सेवाओं, जैसे पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन के मामलों में तुरंत राहत प्रदान की जाए। उन्होंने जिला उपायुक्तों (DC) को प्रत्येक सप्ताह विकास कार्यों और जनशिकायतों की स्वयं प्रगति समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया ताकि अंतर-विभागीय समन्वय में कोई बाधा न उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों को पारदर्शी, सुलभ और त्वरित शासन प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रशासनिक औपचारिकता से ऊपर उठकर संवेदनशील और जनहितैषी दृष्टिकोण अपनाएं। सरकार के इस सख्त रुख से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में गुरुग्राम सहित पूरे राज्य में विकास परियोजनाओं में गति आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।