संस्कृति मंत्रालय 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले 1,498 उपहारों की आठवीं ई-नीलामी शुरू करने जा रहा है। ये उपहार जनता को बोली लगाने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस साल की नीलामी में 50 वस्तुओं को “हीरो ऑब्जेक्ट्स” के रूप में चुना गया है। इनमें सबसे ऊंची बेस प्राइस कर्नाटक से आए भगवान राम के सिल्वर मेमेंटो की है, जिसकी शुरुआती कीमत 13.50 लाख रुपये रखी गई है। इसके बाद काकतीय कला तोरणम की सिल्वर रेप्लिका 9 लाख रुपये, गोंड कला की “ट्री ऑफ लाइफ” नामक पेंटिंग 7.50 लाख रुपये, रथ पर सवार जगन्नाथ परिवार की मूर्ति 6 लाख रुपये और 99.99 प्रतिशत शुद्ध गोल्ड प्लेटेड राधा-कृष्ण की फ्रेम्ड कलाकृति 5.40 लाख रुपये की बेस प्राइस पर उपलब्ध है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के जनसेवा के दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री ने कभी स्वार्थ में काम नहीं किया। वे सच में मानते हैं कि देश ने जो कुछ उन्हें दिया है, वह उनका नहीं बल्कि लोगों का है और इसे लोगों को ही लौटाना चाहिए।”
ये मेमेंटोज पूरे देश से आए हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों का योगदान सबसे ज्यादा है। मंत्रालय के अनुसार ये वस्तुएं भारत की कलात्मक परंपराओं, पारंपरिक शिल्प कौशल, सांस्कृतिक रीति-रिवाजों, आध्यात्मिक परंपराओं और खेल उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2019 में शुरू हुई इस नीलामी से अब तक 52 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जुटाई जा चुकी है। अब तक की सबसे बड़ी बिक्री नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलंपिक भाले की रही, जो 2021 में 1.5 करोड़ रुपये में बिका था।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी नीलामी से प्राप्त पूरी राशि नमामि गंगे कार्यक्रम में जाएगी। यह केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका मकसद गंगा नदी का संरक्षण और पुनर्जीवन है।
ई-नीलामी से पहले नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में इन मेमेंटोज की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्टर करके बोली लगा सकते हैं।