पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास आसमान में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस संवेदनशील सुरक्षा खतरे के मद्देनजर एहतियात बरतते हुए कुल तीन उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन (डायवर्ट) करना पड़ा। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस घटना के सामने आने के बाद से एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है, जब अमृतसर एयरपोर्ट के समीप संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि दर्ज की गई। हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तत्काल प्रभाव से कदम उठाए। इस सुरक्षा एहतियात के तहत एयर इंडिया की दिल्ली से अमृतसर आ रही उड़ान संख्या AI-855 को बीच रास्ते से ही वापस दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इसके साथ ही, मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट समेत कुल तीन उड़ानों को उनके निर्धारित गंतव्य के बजाय अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय सतर्कता और जांच
ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त रूप से एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन और गहन निगरानी शुरू कर दी है। हालांकि, इस संदिग्ध ड्रोन गतिविधि को लेकर अभी तक प्रशासन या एयरलाइंस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी भी जोखिम से निपटने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में इमरजेंसी लैंडिंग की घटना
इसी बीच, 11 अक्टूबर को एक अन्य विमानन घटना भी सामने आई, जब दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E 6115) की अचानक आपातकालीन (इमरजेंसी) लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान में सवार एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (डिवाइस) से अचानक धुआं निकलने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइन के अनुसार, केबिन क्रू ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बेहद सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया तथा विमान को सुरक्षित रूप से उतार लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।