उत्तर प्रदेश में मानसून के अंतिम चरण में हो रही मुसलाधार बारिश और आंधी-तूफान ने भयंकर तबाही मचाई है। प्रदेशभर में पिछले 60 घंटों के भीतर अतिवृष्टि, तेज हवाओं, बिजली गिरने और कच्चे मकान ढहने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से 56 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके अतिरिक्त कई पशु हानि हुई है और 117 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
प्राप्त आपदा राहत रिपोर्टों के अनुसार, लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 4 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं अयोध्या, अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर सहित कई जिलों में मौतों के दुखद समाचार मिले हैं। बारिश और तूफानी हवाओं के कारण सबसे अधिक नुकसान बांदा में देखा गया जहाँ 32 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि जालौन में 21 और हरदोई में 14 मकानों को क्षति पहुंची है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह मूसलाधार बारिश दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन (Depression) के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण हो रही है। यह मौसमी तंत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजर रहा है और अगले कुछ घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होगा। मौसम विभाग लखनऊ में स्थापित डॉप्लर मौसम रडार के माध्यम से इस पूरे सिस्टम की निरंतर निगरानी कर रहा है।
प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। फतेहगढ़ में 224 मिलीमीटर, बांदा में 227.6 मिलीमीटर, बहराइच में 217 मिलीमीटर और राजधानी लखनऊ में 125.8 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। निरंतर बारिश के चलते लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर और कानपुर जैसे बड़े शहरों में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे आम जनजीवन और यातायात पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है।
राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने, जलभराव से प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा राशि वितरित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। नेपाल और पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी को देखते हुए तराई एवं नदी तटीय जिलों जैसे गोंडा, बस्ती, गाजीपुर, बलिया और गोरखपुर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आम जनमानस से अपील की गई है कि वे आकाशीय बिजली के प्रकोप और जर्जर इमारतों से दूर रहें तथा अनावश्यक यात्रा करने से बचें।