पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट नंदीग्राम में आगामी उपचुनाव से पूर्व राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है। लगभग दो दशक पुराने मुकदमे में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के उपरांत जेल से रिहाई मिल गई है। कारागार से बाहर आते ही मिलन प्रधान ने नंदीग्राम में अपना चुनाव प्रचार आरंभ कर दिया और भारतीय जनता पार्टी व राज्य के प्रमुख राजनीतिक चेहरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गर्जना करते हुए कहा कि नंदीग्राम की स्वाभिमानी जनता एक बार या दो बार भूल कर सकती है, किंतु वह तीसरी बार गलती कदापि नहीं करेगी।
नंदीग्राम में वर्ष 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े 19 वर्ष पुराने मामले में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी पर प्रश्न उठाते हुए मिलन प्रधान ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम की पवित्र धरती का उपयोग कुछ लोगों द्वारा केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ और महत्वाकांक्षाओं को साधने के लिए बार-बार किया जाता रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी ने स्पष्ट किया कि नंदीग्राम की जनता इस क्षेत्र के वास्तविक इतिहास, शहीदों के बलिदान और दमनकारियों के चेहरे से भलीभांति परिचित है और वह चुनाव में अपने मताधिकार के माध्यम से इसका मुंहतोड़ उत्तर देगी।
चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए मिलन प्रधान ने भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ की उम्मीदवारी पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे एक महिला और प्रत्याशी के रूप में उनका सम्मान करते हैं, किंतु नंदीग्राम के आंदोलनों में वास्तव में कौन खड़ा था और किसने जनता के हितों से सौदा किया, यह सत्य किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संगठन नंदीग्राम की रीढ़ और वहां के स्थानीय नेतृत्व को समाप्त करने का षड्यंत्र रच रहा है, किंतु क्षेत्र के जागरूक नागरिक किसी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे।
उल्लेखनीय है कि नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। वाममोर्चा और टीएमसी के समर्थन समीकरणों के बीच मिलन प्रधान की जेल से रिहाई के उपरांत नंदीग्राम का मुकाबला अत्यंत दिलचस्प और त्रिकोणीय मोड़ ले चुका है। अदालत ने मिलन प्रधान को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए चुनाव प्रचार करने की अनुमति दी है, जिससे कांग्रेस और सहयोगी खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम हमेशा से सत्ता की चाबी और राजनीतिक आधिपत्य का केंद्र रहा है। 6 अक्टूबर को होने जा रहे इस उपचुनाव में एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी अपने इस मजबूत गढ़ पर कब्ज़ा बनाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं जेल से बाहर आए मिलन प्रधान के तीखे तेवरों ने चुनावी मुकाबले को पूरी तरह गरमा दिया है। अब यह देखना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा कि नंदीग्राम की जनता आने वाले उपचुनाव में किस दल के पक्ष में अपना निर्णायक जनादेश देती है।