उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती हुई बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसके पश्चात पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस हृदयविदारक दुर्घटना में नौ यात्रियों की जलकर मृत्यु हो गई, जबकि अनेक यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के समय बस में दर्जनों लोग सवार थे जो विश्राम कर रहे थे। अचानक उठीं भीषण लपटों के बीच यात्रियों को जान बचाने का अवसर तक नहीं मिला। पुलिस और अग्निशमन दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के पश्चात आग पर नियंत्रण पाया, परंतु तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
हादसे के पश्चात जीवित बचे यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने उस खौफनाक रात का भयानक दृश्य साझा किया है। प्रत्यक्षदर्शी रिंकी राजपूत ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि रात के समय जब सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक बस के भीतर धुआं भरने लगा और चीख-पुकार मच गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि किसी को संभलने का समय ही नहीं मिला। रिंकी ने बताया कि वे अपने जूते तक नहीं पहन सकीं और केवल अपना दूरभाष (फोन) हाथ में लेकर किसी प्रकार बस की खिड़की से बाहर कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं। कई अन्य यात्रियों ने भी खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।
दुर्घटना के पश्चात पुलिस प्रशासन ने मामले की गहन जांच प्रारंभ कर दी है। इस भीषण अग्निकांड को लेकर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर ली गई है। बस यात्री सुनील कुमार द्वारा दी गई शिकायत में बस चालक और ट्रैवल कंपनी पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। सुनील कुमार का कहना है कि बस में पहले से ही कुछ तकनीकी खराबी और दुर्गंध की समस्या आ रही थी, जिसकी सूचना चालक को दी गई थी, परंतु उसने इसे अनदेखा कर दिया। इसी लापरवाही के कारण यह भयानक हादसा घटित हुआ, जिसमें नौ निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
ग्रेटर नोएडा पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि शार्ट सर्किट अथवा इंजन में अत्यधिक गर्मी के कारण आग लगी होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले बस संचालक और संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ितों को सहायता और घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।