उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 34 IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव में 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। नई तैनाती में कानपुर नगर, मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, संत कबीर नगर, पीलीभीत, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर जैसे जिलों में नए डीएम नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों को शासन और विभिन्न विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
फेरबदल के तहत हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा को अब मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है। वहीं राज्य कर विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात राहुल पांडेय को हरदोई की जिम्मेदारी दी गई है। आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और संभागीय खाद्य नियंत्रक एम. अरुन्मोली को एटा का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। एटा के मौजूदा डीएम अरविंद सिंह को विशेष सचिव खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान का तबादला कुशीनगर कर दिया गया है, जबकि कुशीनगर के डीएम महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। कानपुर नगर के मौजूदा डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का निदेशक नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ कानपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक नेतृत्व भी बदल गया है।
अमेठी, बलिया, पीलीभीत और संत कबीर नगर में भी बदलाव
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक को संत कबीर नगर का जिलाधिकारी बनाया गया है। संत कबीर नगर के डीएम आलोक कुमार को अब पीलीभीत का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया की जिम्मेदारी दी गई है। बलिया के मौजूदा डीएम मंगला प्रसाद सिंह को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी को अमेठी का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत का डीएम नियुक्त किया गया है। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल को विशेष सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं।
महोबा में भी जिलाधिकारी बदला गया है। नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में विशेष सचिव रहे प्रभास कुमार को महोबा का नया डीएम बनाया गया है। महोबा की जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को इन्वेस्ट यूपी में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। बिजनौर में जिलाधिकारी जसजीत कौर को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
हाथरस में सत्य प्रकाश पटेल को नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वह इससे पहले नगर विकास विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थे। हाथरस के मौजूदा डीएम अतुल वत्स को विशेष सचिव राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। हमीरपुर में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल का तबादला कर उन्हें विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग बनाया गया है, जबकि अशोक कुमार को हमीरपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया को विशेष सचिव कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में भेजा गया है। उनकी जगह अनुनय झा को मुरादाबाद का नया डीएम बनाया गया है। इसके अलावा नगर निकाय और विकास प्राधिकरणों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। हिमांशु कौशिक को मुरादाबाद का नगर आयुक्त, विजय कुमार सिंह को मिर्जापुर का मुख्य विकास अधिकारी और संतोष बहादुर सिंह को मैनपुरी का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है।
विकास प्राधिकरणों में भी कई अहम नियुक्तियां हुई हैं। विजय कुमार को आगरा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। शैलेंद्र भाटिया को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी और गजल भारद्वाज को इन्वेस्ट यूपी में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। नितिन मदान को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है।
इसके अलावा जसजीत कौर को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक, नेहा बंधु को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन में अपर आयुक्त और जितेंद्र प्रताप सिंह को राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का निदेशक बनाया गया है। अमनदीप डुली को विधिक बाट-माप विभाग का नियंत्रक नियुक्त किया गया है। अभिषेक गोयल, निधि श्रीवास्तव, अरविंद सिंह, राजेंद्र पेंसिया और अतुल वत्स समेत कई अधिकारियों को शासन के अलग-अलग विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
एक ही आदेश में इतने बड़े स्तर पर जिलों और शासन स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलने से उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव हुआ है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में इस फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा गया है, लेकिन सरकारी आदेश में तबादलों के कारण के रूप में चुनावी तैयारी का उल्लेख नहीं किया गया है।