पटना में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में बिहार की सामाजिक एकता और गठबंधन की राजनीति, दोनों की झलक देखने को मिली। बापू सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत कई नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में लव-कुश समाज की एकता, बिहार के विकास और राजनीतिक सहयोग को लेकर नेताओं ने अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने समाज में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए और किसी भी तरह के बंटवारे से बचना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने कहा, “हम एक हैं तो सेफ हैं, बंटेंगे तो कटेंगे।” उनके बयान में कुर्मी और कुशवाहा समुदायों के बीच सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश प्रमुख रहा।
सम्राट चौधरी ने क्यों दिया ‘पांच पांडव’ का उदाहरण?
उपेंद्र कुशवाहा के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में एनडीए के पांच सहयोगी दलों की एकजुटता को ‘पांच पांडव’ के उदाहरण से समझाया। उन्होंने बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच सहयोगी दलों के तौर पर गिनाते हुए कहा कि सभी की अपनी अलग पहचान है, लेकिन साथ मिलकर काम करने से गठबंधन की ताकत बढ़ती है।
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में 2010, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक 2010 में एनडीए के सहयोगी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था और 243 में से 206 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि 2020 में सहयोगियों के बीच अलगाव की स्थिति में यह संख्या 127 तक रह गई, जबकि 2025 में पांचों दलों के एक साथ चुनाव लड़ने पर आंकड़ा 200 के पार पहुंचा। ये आंकड़े मुख्यमंत्री ने गठबंधन में एकता के महत्व को समझाने के लिए पेश किए।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि पांचों दलों की भूमिका और पहचान अलग-अलग हो सकती है, लेकिन बिहार के विकास के लिए मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने गठबंधन को एकजुट रखने और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर साथ आगे बढ़ने की बात कही।
कार्यक्रम में लव-कुश समाज की सामाजिक एकता का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। इस सामाजिक समूह में कुर्मी और कुशवाहा समुदायों को शामिल किया जाता है। कार्यक्रम के मंच से वक्ताओं ने आपसी भाईचारे और एकता बनाए रखने पर जोर दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने जहां इसे सामाजिक एकजुटता से जोड़ा, वहीं सम्राट चौधरी ने गठबंधन के पांच सहयोगी दलों के उदाहरण के जरिए एकता का राजनीतिक संदर्भ सामने रखा।
समारोह में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधायक पप्पू वर्मा और रत्नेश कुशवाहा समेत कई नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन प्रोग्रेसिव बुद्धिजीवी एसोसिएशन की ओर से किया गया था। इसमें लव-कुश समाज से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ शिक्षा, संस्कृति और बिहार के विकास पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाल्मीकिनगर में 60 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने लव-कुश एकता के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सामाजिक एकता की नींव 1994 में रखी गई थी। कार्यक्रम में बिहार के विकास को लेकर भी कई बातें रखी गईं और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक तथा राजनीतिक स्तर पर सहयोग की बात कही गई।
लव-कुश सम्मान समारोह इस लिहाज से भी चर्चा में रहा कि एक ही मंच से सामाजिक एकता और राजनीतिक गठबंधन, दोनों के संदर्भ सामने आए। उपेंद्र कुशवाहा ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के पांच सहयोगी दलों को ‘पांच पांडव’ बताते हुए उनके बीच तालमेल की बात कही।