मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री मोदी के बोलने के अंदाज, हाव-भाव और विदेशी नेताओं के साथ बातचीत करने के तरीके की नकल की। इस दौरान राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और प्रस्तुति के कुछ हिस्सों पर हंसते हुए नजर आए। कार्यक्रम का आयोजन छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए किया गया था, जिसमें शिक्षा, भर्ती, बेरोजगारी और परीक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
मिमिक्री के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों और विदेशी नेताओं के साथ उनकी बातचीत में इस्तेमाल होने वाले ‘माई फ्रेंड’ जैसे संबोधनों की नकल की गई। प्रस्तुति में प्रधानमंत्री के बच्चों के साथ सिक्का दिखाने से जुड़े एक पुराने वीडियो और एक जनसभा में एक बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी मंगवाने की घटना का भी संदर्भ दिया गया। इसी हिस्से को लेकर बीजेपी नेताओं ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां से जुड़े संदर्भों का मजाक बनाया गया। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि प्रस्तुति एक कॉमेडी और मिमिक्री एक्ट के रूप में की गई थी और इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं।
बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कार्यक्रम से जुड़े वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस को ‘कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब राजनीतिक मुद्दों के बजाय इस तरह की प्रस्तुतियों के जरिए प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने में लगी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्र संवाद जैसे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां से जुड़े संदर्भों का इस्तेमाल किया गया। बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस घटना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना की।
बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने भी राहुल गांधी की मौजूदगी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि मंच पर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिनमें एक बुजुर्ग महिला का मजाक बनाया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। बीजेपी नेताओं की ओर से इस पूरे मामले को राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक संवाद से जोड़कर देखा गया है।
कांग्रेस की ओर से बीजेपी के आरोपों को अलग नजरिए से देखा गया। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि उन्होंने वीडियो देखा है और उन्हें उसमें कुछ आपत्तिजनक नहीं लगा। उन्होंने इसे मिमिक्री बताया और कहा कि इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में मौजूद लोग प्रस्तुति पर हंस रहे थे और इसे अपमान के रूप में पेश करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की आलोचना के जवाब में राजनीतिक बहस को शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित करने की बात कही।
इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा, भर्ती प्रक्रिया, बेरोजगारी और विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपनी समस्याएं सीधे रखने का मंच देना था। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए और सरकार पर कई आरोप लगाए। वहीं बीजेपी ने मिमिक्री के विवाद को लेकर कार्यक्रम और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस तरह छात्र संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम अब प्रधानमंत्री की मिमिक्री को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।