उत्तर प्रदेश के रायबरेली में समाजवादी पार्टी की छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद सियासत गरमा गई है। मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार नहीं बल्कि जातिवाद चल रहा है।
फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सदस्यता और जागरूकता अभियान को लेकर शुरू हुआ। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता अभियान चला रहे थे, इसी दौरान उनका ABVP कार्यकर्ताओं से आमना-सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की।
मामला उस समय और बढ़ गया जब सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और शहर कोतवाली प्रभारी के बीच भी तीखी बहस हुई। इसके बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सपा ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप
विवाद के बाद सपा कार्यकर्ता और पार्टी के नेता एसपी कार्यालय पहुंचे। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के दौरान बल प्रयोग किया और कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। सपा विधायक राहुल लोधी ने भी अपने साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक से एसपी कार्यालय और फिर जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन किया। डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने सपा प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मामले की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस ने आरोपों को बताया भ्रामक
पुलिस ने सपा की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। रायबरेली के सिटी क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी आशीष निगम के मुताबिक, दोनों पक्षों ने अपनी शिकायतें और आपत्तियां संबंधित अधिकारियों के सामने रखी थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा छात्रों या कार्यकर्ताओं की पिटाई से जुड़े दावों को गलत और भ्रामक बताया। पुलिस का कहना है कि मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया गया था।
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार नहीं बल्कि ‘सजातीयवाद’ चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोग लगातार पीडीए पर प्रहार कर रहे हैं। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं।
अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद रायबरेली का स्थानीय विवाद राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
सात दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
रायबरेली की जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि पूरे मामले की जांच एसडीएम स्तर के न्यायिक अधिकारी से कराई जाएगी। उन्होंने सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन के अनुसार जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
अखिलेश यादव के रायबरेली पहुंचने की चर्चा
सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के अनुसार, उन्होंने पूरे मामले की जानकारी अखिलेश यादव को भी दी है। उनके 21 या 22 सितंबर को रायबरेली पहुंचकर छात्र जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना बताई गई है। हालांकि, उनके दौरे को लेकर अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि पार्टी की ओर से की जानी बाकी है।