दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दे दी है। वैनडाइक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने म्यांमार में कथित तौर पर सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्धक प्रशिक्षण देने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। अदालत ने जांच पूरी करने में देरी को डिफॉल्ट बेल का आधार माना।
मैथ्यू वैनडाइक को किन शर्तों पर मिली जमानत?
विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने वैनडाइक को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वह दिल्ली में ही रहेगा और जब भी एनआईए जांच के लिए बुलाएगी, उसे जांच में शामिल होना होगा।
डिफॉल्ट बेल की वजह क्या बनी?
वैनडाइक की ओर से दलील दी गई थी कि निर्धारित कानूनी अवधि में जांच पूरी करके आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया, इसलिए उसे डिफॉल्ट जमानत का वैधानिक अधिकार है। अदालत ने माना कि एनआईए की ओर से दाखिल आरोपपत्र में फिलहाल इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं शामिल थीं, जबकि यूएपीए से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी बताई गई थी।
अदालत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी अधूरी चार्जशीट दाखिल करके डिफॉल्ट बेल के अधिकार को नहीं रोक सकती। मामले में अन्य छह यूक्रेनी नागरिक भी इसी आधार पर डिफॉल्ट जमानत के हकदार बताए गए हैं।
म्यांमार में ट्रेनिंग देने का क्या है आरोप?
एनआईए के अनुसार, वैनडाइक समेत सात विदेशी नागरिक कथित तौर पर म्यांमार के कुछ जातीय सशस्त्र समूहों के संपर्क में थे। एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों ने म्यांमार में ड्रोन संचालन, ड्रोन युद्धक तकनीक, असेंबली और जैमिंग तकनीक से जुड़ा प्रशिक्षण दिया। जांच में यूरोप से ड्रोन और उनके उपकरणों की खेप भारत लाए जाने की बात भी सामने आई है। ये सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं।
मिजोरम के रास्ते म्यांमार जाने का आरोप
एनआईए के मुताबिक, आरोपी विदेशी नागरिक भारत में आने के बाद मिजोरम पहुंचे और कथित तौर पर वैध दस्तावेजों के बिना म्यांमार में प्रवेश किया। एजेंसी ने उनके खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की है। वैनडाइक को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था।
यूएपीए की जांच अभी जारी
एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया है कि यूएपीए से जुड़े पहलुओं की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और जरूरत पड़ने पर आगे पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है। इसलिए वैनडाइक को मिली डिफॉल्ट जमानत का मतलब मामले से आरोप पूरी तरह खत्म होना नहीं है। जांच एजेंसी की जांच जारी है।