वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता का कारक माना जाता है। आज सुबह 7 बजकर 53 मिनट पर सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर अपनी मित्र राशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं।
कन्या राशि में ग्रहों के राजकुमार बुध पहले से ही अपनी उच्च अवस्था में विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और बुध की इस युति से कन्या राशि में महाशक्तिशाली ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है। 26 सितंबर को बुध ग्रह तुला राशि में गोचर कर जाएंगे, इसलिए यह योग आज से 26 सितंबर 2026 तक विशेष रूप से प्रभावी रहेगा।
सूर्य के तेज और बुध की तीक्ष्ण बुद्धि का यह संगम तीन विशेष राशियों के जातकों के लिए करियर, धन और पद-प्रतिष्ठा के मामले में वरदान साबित होगा। मीडिया, प्रशासन, राजनीति, कंसल्टेंसी और व्यापार से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बड़ा धन-लाभ कमाने का मौका मिलेगा।
सिंह राशि
आपकी राशि के स्वामी सूर्य देव आपकी राशि से दूसरे (धन, वाणी व कुटुंब) भाव में गोचर करके बुधादित्य योग बनाएंगे। अचानक धन लाभ के कई रास्ते खुलेंगे। वाणी में अद्भुत प्रभाव और आकर्षण रहेगा, जिससे अटके हुए काम आसानी से निकल जाएंगे। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है और व्यापार में बड़ा मुनाफा कमाने के नए अवसर मिलेंगे।
कन्या राशि
यह राजयोग आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में बन रहा है, जहां सूर्य और उच्च के बुध एक साथ विराजमान रहेंगे। आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बौद्धिक कौशल में जबरदस्त वृद्धि होगी। समाज और कार्यस्थल पर आपकी अलग पहचान बनेगी। लंबे समय से रुके हुए सरकारी काम पूरे होंगे। राजनीति, प्रशासन, मीडिया या कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को कोई बड़ा पद या मान-सम्मान मिल सकता है।
धनु राशि
आपकी राशि से दशम (कर्म, करियर व बिजनेस) भाव में यह राजयोग बनने जा रहा है। कार्यक्षेत्र और करियर के लिहाज से यह 10 दिन का समय बेहद स्वर्णिम रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति और वेतन वृद्धि का शुभ समाचार मिल सकता है। सीनियर्स और बॉस आपकी मेहनत से प्रभावित होंगे। नया व्यापार शुरू करने या बिजनेस का विस्तार करने की योजनाएं सफल होंगी।
शुभता बढ़ाने के उपाय
प्रतिदिन प्रातः काल तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा लाल चंदन और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं। रोजाना या विशेष रूप से बुधवार और रविवार को गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं।