हावड़ा के बेलूर बाजार में गणेश पूजा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिवचंद्र चटर्जी स्ट्रीट में आयोजित एक गणेश पूजा की थीम इस बार ‘हिंदू राष्ट्र’ रखी गई है। थीम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिद्धिदाता गणेश को एक साथ बैठे हुए दिखाया गया है।
इस दौरान दोनों के हाथों में चाय का कप है, जिसे ‘चाय पे चर्चा’ की थीम के तौर पर पेश किया गया है। थीम के पीछे की दीवार पर ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखा गया है। वहीं, एक तरफ भारत का नक्शा और उसके पास हिंदू ध्वज भी रखा गया है।
गणेश पूजा की ये थीम सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद इस लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। इस मामले पर बीजेपी और विपक्षी नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘मेरी मंशा किसी भी धर्म को आहत करने की नहीं’
पूजा के आयोजक और पेशे से प्रमोटर खोकन कांरा ने कहा कि वो लंबे समय से इस पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये उनकी व्यक्तिगत पूजा है और हर साल वो पूजा में अलग-अलग थीम पेश करते हैं। इस बार की थीम भी उनके ही दिमाग की उपज है और लोगों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
उन्होंने कहा, “मेरी मंशा किसी भी धर्म को आहत करने की नहीं है और जो बोल रहे हैं कि नया बीजेपी होने के कारण ऐसा कर रहे हैं, ये सरासर गलत है। मैंने अपने हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र और भगवान गणेश को धर्म का प्रतीक मानते हुए इस थीम को तैयार किया है।”
अरूप रॉय ने की कार्रवाई की मांग
वहीं, इस मामले पर नव तृणमूल के अध्यक्ष और मध्य हावड़ा के विधायक अरूप रॉय ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग नए बीजेपी वाले हुए हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोग इस तरह तेल लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। मुझे पता नहीं कि ये बात बीजेपी या प्रधानमंत्री को पता है कि नहीं। जिन्होंने ऐसा किया है उनके खिलाफ जिला और राज्य बीजेपी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
‘इसमें मुझे कोई गलत भी नहीं दिख रहा’
हावड़ा जिला बीजेपी के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि किन लोगों ने इस तरह का आयोजन किया है। लेकिन इसमें मुझे कोई गलत भी नहीं दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में कई तरह की पूजा आयोजित की जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि दुर्गा पूजा के समय में कई तरह के थीम देखने को मिलते हैं। मुझे इसमें कोई गलत नहीं दिख रहा है। लेकिन जो तृणमूल के वर्तमान अध्यक्ष अरूप रॉय जी कह रहे हैं, इससे मैं सहमत नहीं हूं। उनके जमाने में तो पूजा करने के लिए कोर्ट जाना पड़ता था।
वहीं उन्होंने ये भी बताया कि इस मामले में जिला बीजेपी की ओर से विचार किया जाएगा। अगर जरूरत लगेगी तो कार्रवाई की जाएगी।