मुंबई में गणेशोत्सव की धूम है। इसी बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने भगवान गणेश की पूजा की। पंडाल में उमड़ी भीड़, उत्सव का माहौल और लोगों की आस्था देखकर गोर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यहां की ऊर्जा अद्भुत है और इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
गोर ने उन लोगों से भी यहां आने की अपील की, जिन्होंने अब तक लालबागचा राजा का गणेश उत्सव नहीं देखा है। उनका कहना था कि इस माहौल को समझने के लिए इसे खुद महसूस करना जरूरी है। उन्होंने यहां के माहौल को बेहद खास बताया।
सोमवार को सर्जियो गोर लालबागचा राजा के पंडाल पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन किए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मुंबई में गणेश चतुर्थी के दौरान लालबागचा राजा के पंडाल में दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दर्शन के बाद गोर ने अपने अनुभव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ‘यहां की ऊर्जा को शब्दों में समझाना आसान नहीं है’। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने अभी तक इस उत्सव को नहीं देखा है, उन्हें एक बार यहां जरूर आना चाहिए। इसके अलावा, गोर ने यहां आने पर खुशी जताई। लालबागचा राजा के यहां की रौनक, बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और पूरे माहौल को उन्होंने बेहद खास बताया।

X पर भी साझा किया अपना अनुभव
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने मुंबईचा राजा और लालबागचा राजा के दर्शन का जिक्र किया। इसे आस्था और लोगों को एक साथ लाने वाला उत्सव बताया। उन्होंने गणेश चतुर्थी मना रहे सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। गोर का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब मुंबई में गणेश उत्सव को लेकर जगह-जगह खास रौनक देखने को मिल रही है।
1934 से जुड़ी है लालबागचा राजा की परंपरा
लालबागचा राजा मुंबई के सबसे पहचान वाले गणेश पंडालों में शामिल है। यह लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 1934 में हुई थी। पुतलाबाई चाल में स्थित इस पंडाल में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लालबागचा राजा की परंपरा से कम्बली परिवार भी लंबे समय से जुड़ा हुआ है। परिवार आठ दशक से ज्यादा समय से इसकी देखरेख से जुड़ा है। गणेश चतुर्थी के दौरान यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होती है। इसका समापन अनंत चतुर्दशी पर होता है। इस दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।