तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई चर्चित हस्तियों के नाम नोटिस सूची में सामने आए हैं। इनमें अभिनेता महेश बाबू, फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली, पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल समेत कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं। चुनाव आयोग का यह अभियान मतदाता सूची में दर्ज जानकारी के सत्यापन और उसे दुरुस्त करने के लिए चलाया जा रहा है।
हैदराबाद में जारी नोटिस सूची में इन चर्चित नामों के शामिल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया में किसी व्यक्ति का नाम नोटिस सूची में आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह व्यक्ति मतदाता नहीं है या उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित मतदाता से जानकारी का सत्यापन और आवश्यक दस्तावेज हासिल करना है।
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की जांच करता है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है और जिन मामलों में अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज की जरूरत होती है, वहां संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जा सकता है। तेलंगाना में SIR की प्रक्रिया के तहत 17 अगस्त 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी और इसके बाद नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
हैदराबाद से सामने आई इस सूची में वीवीएस लक्ष्मण, महेश बाबू और एसएस राजामौली जैसे बड़े नामों के अलावा अन्य प्रमुख हस्तियों का भी जिक्र है। इन नामों के सामने आने से सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी चुनाव आयोग की मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
चुनाव आयोग की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और उसमें मौजूद गलत या अपूर्ण जानकारी को ठीक करना है। तेलंगाना के आधिकारिक जिला प्रशासन पोर्टल पर भी SIR के तहत नोटिस प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की सूची और मसौदा मतदाता सूची से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
इस पूरी प्रक्रिया के बीच वीआईपी और चर्चित हस्तियों के नाम नोटिस सूची में आने से यह भी स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान के आधार पर अलग प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है। अब संबंधित लोगों की ओर से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के बाद उनके मतदाता रिकॉर्ड को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।