बीजेपी नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सफाई, सीवर, बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के निवारण में सरकार की नाकामी पर नाराजगी जताई है।
विजय गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “क्या विडंबना है, एमसीडी और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे और सांसद, एमएलए और कॉरपोरेटर उनसे काम करने के लिए गलियों-सड़कों के धक्के खा रहे हैं। कहीं से कूड़ा उठवा देते हैं, तो लगता है बहुत बड़ा काम करवा लिया। ये नहीं देखते इन अफसरों के होते हुए कूड़ा होना ही क्यों था।”
उन्होंने आगे कहा कि नाली, खड़ंजा, सड़क, सीवर, बिजली-पानी की समस्याओं पर चुने हुए प्रतिनिधि इन अफसरों से गिड़गिड़ाते हैं, फिर भी काम नहीं होते। फिर जनता को कौन पूछ रहा है।
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली शहर अब सक्षम हाथों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली सरकार बेहतरीन रणनीतिक योजना के जरिए राजधानी की वर्षों पुरानी समस्याओं का लगातार समाधान करने की दिशा में काम कर रही है।
रेखा गुप्ता ने बताया कि सीवेज और पानी की आपूर्ति दिल्ली के लोगों के लिए हमेशा से बड़ी समस्या रही है। दिल्ली का लगभग आधा हिस्सा पानी के कनेक्शन के बिना रह रहा था, जबकि लोगों को 50 साल तक पुरानी सीवर लाइनों की समस्या से जूझना पड़ रहा था। इन समस्याओं से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 2,500 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। इस स्वीकृत राशि का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जलापूर्ति सुधार परियोजना के पैकेज-1 के तहत 805 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है।