अमेरिका के साथ जारी तनाव और आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। इनफॉर्मल मनी मार्केट में कारोबार शुरू होते ही रियाल गिरकर 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20.2 लाख रियाल पर पहुंच गया।
ईरान के केंद्रीय बैंक की आधिकारिक दर करीब 15 लाख रियाल प्रति डॉलर है, लेकिन ज्यादातर लोग अनौपचारिक बाजार की दर पर ही लेन-देन करते हैं। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अमेरिका नई और कड़ी आर्थिक पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इन्हें ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया है।
ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दोहरे अंकों वाली महंगाई और कमजोर आर्थिक वृद्धि से जूझ रही थी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध ने स्थिति और खराब कर दी। पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष के कारण रियाल लगातार नए निचले स्तर छू रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ अभी भी मजबूत है। युद्ध से पहले यहां से दुनिया के तेल कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। अब ईरान और ओमान इस जलमार्ग के संयुक्त प्रबंधन की योजना पर बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान की आलोचना करते हुए धमकी दी है कि अगर वह रास्ते में आया तो बमबारी की जा सकती है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था को इतना कमजोर कर दिया है कि रियाल कभी इतना नीचे नहीं गया और महंगाई इतनी ज्यादा नहीं रही। उन्होंने आगे कड़े सेकेंडरी प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। पिछले सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान के साथ व्यापार निलंबित करने की घोषणा की थी।
ईरान के एक कट्टरपंथी नेता मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि नई अमेरिकी पाबंदियों का समर्थन करने वाले किसी भी देश की कार्रवाई को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।